तबला सम्राट पद्मविभूषण पं. किशन महाराज की पुण्यतिथि पर दो दिवसीय संगीतोत्सव लहरतारा स्थित एक स्कूल में शुरू हुआ। इसमें कलाकारों ने सुर, लय और ताल से संगीतांजलि दी। संस्थाओं के सहयोग से संगीत सभा काशी की ओर से आयोजित महोत्सव में अतिथियों व कलाकारों ने तबला सम्राट के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलन कर नमन किया।
श्रीजा श्रीवास्तव के कथक से संगीत संध्या की शुरुआत हुई। तबले पर पं. किशन महाराज की सुपौत्री अवंतिका महाराज, बोल पढ़ पर श्रीदेव मिश्रा, गायन और हारमोनियम पर संतोष मिश्रा ने कुशल संगत की। अहमदाबाद की तेजल पाठक ने राग हंसध्वनि में विलंबित एकताल और आडा चारताल में द्रुतलय की बंदिशों को स्वर दिया।
तबले पर गौरव चक्रवर्ती, हारमोनियम पर जमुना बल्लभ दास गुजराती और सारंगी पर अनीश मिश्रा ने संगत की। सितार वादक प्रो. वीरेंद्रनाथ मिश्रा ने मनमोहक प्रस्तुति दी। वायलिन पर इनके सुपुत्र प्रशांत मिश्रा, तबले पर पं. अरविंद आजाद ने संगत की। स्वागत पं. पूरन महाराज और अंजलि मिश्रा ने किया। इस मौके पर वरिष्ठ कलाकार कामेश्वरनाथ मिश्रा, प्रवीण उद्धव, माता प्रसाद मिश्रा, विनोद मिश्रा मौजूद रहे।