शाम ढलते ही अराजकतत्वों का होता है जमावड़ा
काशी रेलवे स्टेशन और उसके आसपास का इलाका रोजाना शाम ढलते ही जुआरियों और नशेड़ियों का अड्डा बन जाता है। इलाके में पथ प्रकाश की पर्याप्त व्यवस्था नहीं रहती है। यह सिलसिला रोजाना भोर तक जारी रहता है। स्टेशन पर जीआरपी की निगरानी नहीं के बराबर रहती है। आदमपुर थाने की पुलिस की रात्रिकालीन गश्त भी नहीं के बराबर ही रहती है, इसलिए रेलवे स्टेशन के बारे में भलीभांति जानने वाले रात के समय उधर जाने से कतराते हैं।
बच्ची का शव देखकर बेसुध हुए मां-बाप
झाड़ी में मासूम बेटी का लहूलुहान शव पड़ा देखकर मां-बाप का कलेजा कांप गया। दोनों बार-बार यही कह रहे थे कि इस छोटी सी बच्ची ने भला किसी का क्या बिगाड़ा था? पिता ने कहा कि परिवार का पेट भरने के लिए मुगलसराय से बनारस आना-जाना रोजाना ही होता है। वापसी में देरी होने पर अक्सर रेलवे स्टेशन पर ही रातभर रुक जाते थे। इस बार रेलवे स्टेशन पर रुकना जिंदगी भर नहीं भूलेगा। बेटी को खोने का दर्द हमेशा रहेगा।
दो टीमें गठित, जल्द होगा खुलासा
एडीसीपी काशी जोन चंद्रकांत मीणा ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार बच्ची का मुंह दबाकर हत्या की गई है। रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई। दुष्कर्म के प्रयास की आशंका है। जांच के लिए बिसरा और स्वाब विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा जाएगा। संदिग्ध प्रतीत होने वाले क्षेत्र के कुछ लोगों से पूछताछ की जा रही है। घटना के खुलासे के लिए पुलिस की दो टीमें गठित की गई हैं। मुखबिरों और सर्विलांस की भी मदद ली जा रही है। घटना का जल्द खुलासा किया जाएगा।