दोपहर एक बजे बृजेश मिश्रा का रिश्तेदार शुभम मिश्रा डेयरी पर पहुंचा तो टीनशेड के अंदर कुर्सी पर लहूलुहान हाल में मनोज को देखते ही चीख उठा। मनोज की दाहिने कनपटी पर गहरे धारदार हथियार से वार किया गया था। शुभम की सूचना पर पहुंची पुलिस और फोरेंसिक, डाग स्क्वायड ने छानबीन करते हुए साक्ष्य संकलन किया। इस दौरान मनोज की जेब से 315 बोर का एक कारतूस और पास में ही शराब की खाली बोतलें बरामद हुई।
आशंका जताई गई कि किसी जानने वाले ने ही वारदात को अंजाम दिया है। शराब पीने या पिलाने के बाद ऐसे किसी हथियार से हमला किया गया कि मनोज को कुर्सी पर से उठने का मौका तक नहीं दिया गया। सपा नेता के करीबी की हत्या की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अमित वर्मा और सीओ सदर डॉ. चारु द्विवेदी घटनास्थल पर पहुंचीं और आसपास लोगों और डेयरी संचालक से पूछताछ की।
पुलिस की तफ्तीश में सामने आया कि डेयरी संचालक बृजेश मिश्रा पिछले पंचायत चुनाव में सेवापुरी ब्लाक से जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़े थे। अधिकतर समय बृजेश के साथ ही मनोज का गुजरता था। जमीन कारोबार और क्षेत्र में अन्य कार्य को मनोज ही देखता था। पहले लगा कि पिस्टल से गोली मारकर हत्या की गई है, लेकिन आसपास कारतूस न मिलने और कनपटी पर तीन इंच गहरा निशान होने के चलते फोरेंसिक टीम ने किसी धारदार हथियार से हत्या किए जाने की पुष्टि की।
जेब से मिला कारतूस, जुड़ रहे आपराधिक तार
मनोज यादव की जेब से 315 बोर का कारतूस मिलने पर एसपी ग्रामीण ने भदोही पुलिस से संपर्क साधकर आपराधिक इतिहास को भी खंगालने पर जोर दिया। एसपी ग्रामीण के अनुसार जेब से कारतूस पाए जाने से यह प्रतीत होता है कि मनोज का अपराधियों से कहीं न कहीं तार जुड़े हो सकते हैं।
जिस तरीके से मनोज की हत्या की गई, उससे अंदाजा लगाया गया कि किसी करीबी ने ही वारदात को अंजाम दिया। हत्या करने वाला मनोज के विश्वास में था। कुर्सी पर मनोज और सामने बिस्तर पर हमलावर बैठा था। पुलिस की तफ्तीश में सामने आया कि एक से अधिक हमलावर हो सकते हैं। पुलिस जमीन विवाद और आशनाई को भी हत्या से जोड़कर देख रही है।