चारों दोस्त उसको मनाते रहे और जब नहीं माना तो आरोप है कि उसकी पिटाई की गई और सचिन जायसवाल ने भय बनाने के लिए पिस्टल से हवाई फायरिंग की। इस पर भी चंदन ने लूट की घटना में शामिल होने से इनकार किया तो सचिन ने चंदन को लक्ष्य करके गोली मारी, गोली चंदन के गर्दन से आर-पार हो गई।
इसके बाद खून से लथपथ चंदन को छोड़ सभी फरार हो गए। सूचना पाकर वारदात स्थल पर पहुंचे परिजनों ने चंदन को मलदहिया स्थित एक चिकित्सालय में भर्ती कराया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। पिता गोपाल की तहरीर पर सिगरा थाने की पुलिस ने मुकदमा दर्ज करते हुए आरोपियों को शुक्रवार दोपहर बादशाहबाग स्थित पानी टंकी के पास से गिरफ्तार किया।
सचिन, देवेश और जीतू के कब्जे से .32 बोर की दो पिस्टल और पांच कारतूस बरामद किया गया। सिगरा इंस्पेक्टर अनूप शुक्ला ने बताया कि चंदन और सचिन जायसवाल गैंगस्टर मामले में जेल भी जा चुके हैं। चंदन भी आपराधिक प्रवृत्ति का रहा और उसके खिलाफ आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। पूछताछ में यह भी सामने आया कि चंदन अपने परिजनों को गुमराह करता था कि वह शहर से बाहर रह कर काम करता है, जबकि वह यहीं अपने दोस्तों के साथ ही रहता था।
चंदन के पिता गोपाल बेटे की मौत पर काफी बेसुध रहे। अस्पताल पहुंचे परिजनों का बुरा हाल रहा। यही उनके मुंह से निकलता रहा कि त्योहार के दिन बेटा चला गया। संसार ही उजड़ गया। कई बार मना करने के बावजूद उसके में सुधार नहीं आया। गलत संगत में पड़ उसने अपनी जिंदगी खत्म कर ली।