बलवंत सिंह बीते तीन अगस्त की रात खाना खाकर घर से लगभग दो किमी दूर स्थित ट्यूबवेल पर सोने के लिए गए थे। चार अगस्त की सुबह करीब छह बजे खेत की मेड़ पर खून से लथपथ उनका शव मिला था। उनके सिर पर गंभीर चोट के निशान और कटे हुए कान हत्या की ओर इशारा कर रहे थे। ग्रामीणों की दबी जुबान पर भी इसकी चर्चा थी। पिता प्रदीप सिंह की तहरीर पर पुलिस ने उसी रात अज्ञात लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की थी।
एसपी कमलेश बहादुर ने हत्या का खुलासा और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसओजी, थाना और सर्विलांस टीम गठित की थी। कुछ लोगों को हिरासत में लेकर दो दिन तक पूछताछ किया गया। पूरी तरह से पुष्टि होने पर पुलिस ने शुक्रवार की सुबह मुख्य हत्यारोपी गहनी गांव निवासी विवेक सिंह उर्फ सिट्टू को उसके गांव स्थित एक ट्यूबवेल के पास से और योगेंद्र यादव को सेमराजपुर चट्टी के पास से गिरफ्तार कर लिया।
बलवंत सिंह की हत्या के दोनों आरोपी।
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पुलिस की पूछताछ में दोनों ने बताया कि बलवंत सिंह का उसके गांव निवासी दोस्त विवेक सिंह की परिचित महिला और देवेंद्र यादव की पत्नी के साथ संबंध को लेकर विवाद चल रहा था। इसी रंजिश के चलते तीन अगस्त को दोनों ने योजनाबद्ध तरीके से बलवंत को शराब पिलाई और ट्यूबवेल के पास ले जाकर डंडे से सिर पर ताबड़तोड़ हमला कर उसकी हत्या कर दी। हत्या के पश्चात विवेक सिंह, बलवंत का मोबाइल जेब से निकालकर ले गया और रमेश सिंह के ट्यूबवेल के पास छिपा दिया था। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने उसे बरामद कर लिया है।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने बलवंत के हत्यारोपी दो दोस्तों को गिरफ्तार कर लिया। दोनों उसके गांव के ही निवासी हैं। एक की प्रेमिका और दूसरी की पत्नी से बलवंत का संबंध होने के कारण काफी दिनों से विवाद चल रहा था। तीन अगस्त की रात दोनों ने उसे शराब पिलाई और डंडे से पीटकर हत्या कर दी। दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। - अनूप कुमार, एएसपी, मऊ