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जीबी सिंड्रोम से ग्रसित था मुनीर: आईसीयू में ली अंतिम सांस, जानिए क्या होता है गुलियन बेरी सिंड्रोम ?

Tue, 22 Nov 2022 04:51 PM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

गैंगेस्टर मुनीर को सोनभद्र के जिला अस्पताल से बीएचयू अस्पताल में 18 नवंबर को लाया गया। उसके बाद उसे न्यूरोलॉजी विभाग में भर्ती कराया गया। जानकारी के अनुसार अस्पताल में आते ही उसकी सांस बहुत क म होने लगी। इसके बाद उसे आईसीयू में शिफ्ट कराया गया। तभी से यहां कड़ी सुरक्षा के बीच उसका इलाज चल रहा था। सोमवार सुबह उसकी मौत हो गई। 
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मुनीर को जेल ले जाती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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एनआईए अफसर तंजील अहमद और उनकी पत्नी की हत्या में फांसी की सजा काट रहा गैंगेस्टर मुनीर जीबी सिंड्रोम से ग्रसित था। आईएमएस बीएचयू के न्यूरोलॉजी विभाग के चिकित्सकों की देखरेख में उसका इलाज चल रहा था। बीएचयू अस्पताल आने के बाद से ही उसका आईसीयू में इलाज चल रहा था। सोमवार को उसने अंतिम सांस ली। 

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गैंगेस्टर मुनीर को सोनभद्र के जिला अस्पताल से बीएचयू अस्पताल में 18 नवंबर को लाया गया। उसके बाद उसे न्यूरोलॉजी विभाग में भर्ती कराया गया। जानकारी के अनुसार अस्पताल में आते ही उसकी सांस बहुत क म होने लगी। इसके बाद उसे आईसीयू में शिफ्ट कराया गया। तभी से यहां कड़ी सुरक्षा के बीच उसका इलाज चल रहा था। सोमवार सुबह उसकी मौत हो गई। 

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मुनीर अहमद - फोटो : अमर उजाला
क्या है जीबी सिंड्रोम
जीबी सिंड्रोम वह बीमारी है, जिसमें इम्युनिटी की गड़बड़ी से नसों में सूजन आने लगता है। न्यूरोलॉजी विभाग के अध्यक्ष प्रो. बीएन मिश्रा के अनुसार जीबी सिंड्रोम का असर शरीर के अन्य भागों में पड़ने लगता है। सबसे पहले पैर की नस, हाथ की नस फिर कमर की नस, छाती की नस में सूजन आने लगता है। इसके बाद सांस की नस तक यह सिंड्रोम पहुंच जाता है। इस वजह से मरीज की जान जाने का खतरा अधिक रहता है। यह बीमारी आम तौर पर कम उम्र में होती है। इसका सबसे तेज अटैक नसों पर होता है। नसों में संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है। 
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