किसानों के लिए फूलमंडी का आवंटन निशुल्क
घटना के बाद नगर निगम ने फैसला लिया है कि अब फूल विक्रेताओं और किसानों को किसी बिचौलिए या अवैध वसूली करने वालों के आगे हाथ नहीं फैलाना पड़ेगा। नगर निगम ने अपील की है कि किसान सीधे निगम से अनुबंध करें और वैधानिक रूप से अपना स्थान सुरक्षित करें। नई व्यवस्था के तहत गरीब किसानों के लिए फूल मंडी में आवंटन पूरी तरह निशुल्क रखने की तैयारी है। बिचौलियों को पूरी तरह बाहर कर सीधे निगम और किसानों के बीच अनुबंध कराया जा रहा है।
500 किसानों को होगा फायदा
नगर निगम के नायब तहसीलदार स्वयं माला-फूल विक्रेताओं और किसानों से संपर्क कर उन्हें इस पारदर्शी प्रक्रिया से जोड़ रहे हैं। इससे करीब 500 किसानों और छोटे व्यापारियों को शोषण-मुक्त व्यापार का अधिकार मिलेगा। यह भूमि रक्षा संपदा विभाग की है और नगर निगम के प्रबंधाधीन है। निगम ने स्पष्ट किया है कि मंडी परिसर में नियमों के विरुद्ध किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
45 करोड़ की जमीन पर अब निगम का कब्जा
नगर निगम की यह कार्रवाई न केवल किसानों के हित में है, बल्कि सरकारी संपत्ति को बचाने की दिशा में भी एक बड़ा कदम है। करीब 11 हजार स्क्वायर फीट के इस भूभाग की वर्तमान बाजार कीमत लगभग 45 करोड़ रुपये आंकी जा रही है। रक्षा संपदा विभाग के स्वामित्व वाली और नगर निगम के प्रबंधाधीन इस जमीन पर लंबे समय से कुछ लोगों का कब्जा था। निगम ने इसे पूरी तरह कब्जा-मुक्त कराकर अब किसानों को निशुल्क आवंटन देने का निर्णय लिया है। इससे करीब 500 किसानों और छोटे व्यापारियों को शोषण-मुक्त व्यापार के लिए एक व्यवस्थित स्थान मिल सकेगा।
नगर निगम किसानों और फूल विक्रेताओं को निशुल्क आवंटन की सुविधा देने जा रहा है। ऐसे में किसान सीधे नगर निगम से अनुबंध करें। हमारा लक्ष्य है कि बाबा के धाम में फूल बेचने वाले किसी भी गरीब किसान का एक भी रुपया शोषण में न जाए। - हिमांशु नागपाल, नगर आयुक्त