शहर के विकास कार्यों में इनका होगा इस्तेमाल माई सिटी रिपोर्टर वाराणसी। नगर निगम की ओर से लैंडबैंक बढ़ाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। अब तक 550 बीघे सरकारी जमीन से कब्जा हटवाया गया है। पिछले दिनों हुए सर्वे में 1400 बीघे से अधिक सरकारी जमीनों को चिह्नित किया गया था। पहले उन जमीनों से कब्जा हटवाया जाएगा, जहां कोई विवाद नहीं है। टीन शेड लगाकर कब्जा करने वालों को हटवाया जाएगा।
कब्जा हटवाने के बाद जमीन को तारों से घेरकर नगर निगम अपना बोर्ड लगाएगा। इनका इस्तेमाल सरकारी योजनाओं के विकास में किया जाएगा। इन पर कम्युनिटी सेंटर, बरातघर, पार्क आदि का विकास किया जाएगा। इन पर बीते कई सालों से लोगों का कब्जा है। इनकी कीमत तकरीबन 700 करोड़ रुपये के आसपास होगी। कुछ जमीन से कब्जा हटवाकर वहां पिलर लगाए गए हैं। कुछ जगहों पर निगम ने अपना बोर्ड और तारों का घेरा बनवाकर इसे पूरी तरह से अपनी संपत्ति घोषित कर दिया है। नवविस्तारित इलाकों के सर्वे में 79 गांव ऐसे मिले हैं, जहां पर 1300 बीघे से अधिक सरकारी जमीन पर कब्जा था। लंबे वक्त से ग्राम सभाओं का वर्चस्व होने के कारण लोगों ने मनमाने तरीके से कब्जा करके रखा था। सहायक नगर आयुक्त अनिल यादव ने बताया कि नगर निगम की ओर से सरकारी जमीन से कब्जा हटवाया जा रहा है। इसे नगर निगम की ओर से विकास कार्य कराए जाएंगे।