अवधेश राय हत्याकांड मामले में विशेष न्यायाधीश एमपी/एमएलए कोर्ट सियाराम चौरसिया की अदालत में बांदा जेल में बंद बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी की शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये पेशी हुई। इस दौरान मुख्तार ने कहा कि जेल में उनके किसी परिजन या अधिवक्ता से मिलने नहीं दिया जा रहा है, इस कारण मामले में जिरह के लिए वकालतनामा या अधिवक्ता नहीं कर सकते। अदालत ने इस पर बांदा जेल के अधीक्षक को परिजन या अधिवक्ता से मुलाकात का आदेश देते हुए 27 जनवरी तक वकालतनामा कोर्ट में दाखिल करने को आदेशित किया।
उधर, मामले में अभियोजन गवाह पूर्व विधायक अजय राय भी कोर्ट में हाजिर हुए। अदालत से अधिवक्ता अनुज यादव व विकास सिंह के जरिये आवेदन देकर कहा कि मामले से जुड़े दो आरोपियों सरकार बनाम कमलेश सिंह व सरकार बनाम राकेश न्यायिक की पत्रावली इलाहाबाद के अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय की कोर्ट में लंबित है, उन पत्रावलियों के यहां स्थानांतरण के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। सरकार बनाम राकेश न्यायिक की पत्रावली में महत्वपूर्ण प्रपत्र व गवाह का बयान है। बिना उन पत्रावलियों के आये मुकदमे की सुनवाई संभव नहीं है।
कोर्ट में एक और आवेदन दिया कि गवाह को विटनेस प्रोटेक्शन स्कीम के तहत सुरक्षा उपलब्ध कराने के आवेदन के बावजूद कमिश्नरेट पुलिस गवाह को समुचित सुरक्षा नहीं उपलब्ध करा रही है। जबकि विपक्षी दुर्दांत अपराधियों के बीच गवाही देनी है। ऐसे में समुचित सुरक्षा दिए जाने पर ही भयमुक्त होकर ही गवाह से जिरह संभव है। अदालत ने इस आवेदन की प्रति चेतगंज एसएचओ को भेजते हुए इस आवेदन का 27 जनवरी तक निस्तारण होने तक गवाह अजय राय को तलब किये जाने पर रोक लगा दी है। तीन अगस्त 1991 को पूर्व विधायक अजय राय के भाई अवधेश राय की चेतगंज स्थित आवास पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
पूर्व विधायक को सुरक्षा देने की मांग
जेल में बंद माफिया मुख्तार अंसारी के खिलाफ गवाही देने के लिए पूर्व विधायक अजय राय को सुरक्षा नहीं दिए जाने पर कांग्रेस नेताओं में उबाल है। कांग्रेस नेता अजय राय ने कचहरी परिसर स्थित मीडिया से बातचीत में कहा कि उनकी सुरक्षा को लेकर खिलवाड़ किया जा रहा है। कोर्ट के आदेश की कश्मिनरेट पुलिस अवहेलना कर रही है। महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने कहा कि कोर्ट के आदेश के बावजूद प्रशासन ने पूर्व विधायक को सुरक्षा मुहैया नहीं कराई, प्रशासन की यह ओछी मानसिकता है। आरोप लगाया कि भाजपा के इशारे पर पूर्व विधायक अजय राय को सुरक्षा मुहैया नहीं कराई गई है।