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काशी से उठी आवाज, नेताजी सुभाष चंद्र बोस को मिले भारतरत्न

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नेताजी सुभाष चंद्र बोस को काशी से भारत रत्न देने की मांग उठने लगी है। शुक्रवार को सिकरौल में आयोजित नेताजी की जयंती समारोह में पूर्व अधिकारी मेजर डॉ. अरविंद कुमार सिंह ने कहा कि एक शख्स देश की सीमाओं से बाहर निकलता है। साठ हजार की आजाद हिंद फौज तैयार करता है और ब्रितानी हुकूमत से टकरा जाता है। अपनी करेंसी बनाता है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह का नाम बदलकर आजाद हिंद सरकार का झंडा लहरा देता है। पैंतीस हजार सैनिक अंग्रेजों से लड़ते हुए शहीद हो जाते हैं। सत्रह हजार सैनिकों को अंग्रेज पकड़कर दिल्ली के लाल किले में लाते हैं और युद्ध अपराधी का मुकदमा चलाते हैं। यह घटना पूरे देश को झकझोर कर रख देती है। सैनिकों का विद्रोह अंग्रेजों को भारत छोड़ने पर विवश करता है। भारत के इस सच्चे सपूत को भारत रत्न मिलना ही चाहिए। इस दौरान महाबोधि इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य कैप्टन प्रवीन कुमार श्रीवास्तव, लेफ्टिनेंट सारनाथ सिंह, गंगाराम सिंह, डॉ. मयंक सिंह, देव नारायण सिंह, राजेश सिंह ने विचार व्यक्त किया। नेताजी की जीवन गाथा अब काशी दर्शन यू-ट्यूब पर देखी व समझी जा सकती है। यूपी इंटर कॉलेज में एनसीसी के पूर्व अधिकारी मेजर डॉ. अरविंद कुमार सिंह ने यह वृत्तचित्र तैयार किया है। इसमें वर्ष 1945 से 1946 के बीच का पूरा घटनाक्रम है।
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