मऊ सदर विधायक मुख्तार अंसारी के करीबी गाजीपुर निवासी बसपा नेता अतुल राय सहित दो लोगों को क्राइम ब्रांच ने शनिवार की रात गिरफ्तार कर लंका पुलिस को सौंप दिया। मंडुवाडीह थाने के हिस्ट्रीशीटर अतुल राय और उसके करीबियों के खिलाफ बीते जुलाई महीने में डाफी टोल प्लाजा पर सरेराह अंधाधुंध फायरिंग कर दहशत फैलाने के आरोप में मुकदमा दर्ज है।
वहीं, वाराणसी से लेकर लखनऊ तक चर्चा यह भी रही कि अतुल की गिरफ्तारी लखनऊ में ठेकेदार मो. तारिक की हत्या के मामले में पूछताछ के लिए हुई है लेकिन पुलिस ने ऐसी किसी भी बात से साफ इंकार किया।
छह जुलाई 2017 की रात डाफी टोल प्लाजा पर अंधाधुंध फायरिंग किए जाने का मामला सामने आया था। घटना को लेकर रोहनिया के बेटावर निवासी ईंट भट्ठा संचालक सर्वेश तिवारी ने अतुल राय और 12 अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का प्रयास, बलवा सहित अन्य आरोपों में लंका थाने में मुकदमा दर्ज कराया था।
सर्वेश का आरोप था कि जाम होने के कारण जल्दी पास नहीं मिला तो अतुल राय के चालक ने उनके चालक अजीत पाल को और फिर उन्हें पीटा। मौजूद लोगों ने विरोध किया तो सरेराह अंधाधुंध फायरिंग कर सभी तेजी से चार-पांच गाड़ियों से रोहनिया की ओर भाग निकले।
अतुल और उसके करीबियाें की तलाश में लगी पुलिस को जब कोई सफलता नहीं मिली तो बीते दिनों उसके घर पर कुर्की का नोटिस चस्पा किया गया। बताया जाता है कि शनिवार को गाजीपुर के भावरकोल थाना के वीरपुर निवासी अतुल राय और उसके एक अन्य करीबी के शहर में मौजूद होने की जानकारी सर्विलांस की मदद से मिली तो क्राइम ब्रांच प्रभारी ओम नारायण सिंह ने दोनों को गिरफ्तार कर लंका थानाध्यक्ष को साैंप दिया।
इस संबंध में लंका थानाध्यक्ष संजीव मिश्रा ने बताया कि अतुल डाफी टोल प्लाजा पर हुई फायरिंग के मामले में वांछित था, उससे पूछताछ की जा रही है। तारिक हत्याकांड से अतुल की गिरफ्तारी का कोई संबंध नहीं है।