मऊ विधायक मुख्तार अंसारी का सबसे करीबी मेराज अहमद की हत्या से कालोनी वासियों में सन्नाटा रहा। कालोनी के अधिकतर घरों में ईद की खुशियां मातम में बदली रहीं। किसी ने भी ईद नहीं मनाई। शनिवार सुबह भारी संख्या में लोगों का जुटान मेराज के घर के बाहर रहा और हर कोई इस घटना से दुखी था। कुछ लोग थे जो आपस में बात भी कर रहे थे कि इस घटना ने जेल की पोल खोल दी। आरोप
भी सरकार पर मढ़ा कि साजिश के तहत हत्या कराई गई।
बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी से काफी प्रभावित मेराज अहमद की महत्वाकांक्षाएं काफी थी। इसलिए वह मुख्तार का खास ही नहीं बना बल्कि नक्शे कदम पर चलकर सबकुछ हासिल किया। जैसा रूतबा चाहता था वैसा ही वह पाया। भले ही जेल में उसकी हत्या कर दी गई लेकिन जब उसका शव पहुंचा तो सैकड़ों लोगों की भीड़ और लग्जरी गाडिय़ों का काफिला उसके साथ चला।
यहां बस सिर्फ एक कमी थी कि मेराज की आंखें हमेशा हमेशा के लिए मूंदी हुई थी। काफिले में शामिल कुछ लोग थे, जो यह बता रहे थे कि गांव में जब मेराज का शव काफिला के साथ पहुंचा तो भीड़ हजार के पार थी। लोगों को जुटाकर एक साथ चलना मेराज को अच्छा भी लगता था।