दोहरे हत्याकांड के मामले में आरोपी मऊ सदर विधायक मुख्तार अंसारी को बांदा जेल से लाकर बुधवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर एक डा. अजय कुमार की कोर्ट में कड़ी सुरक्षा के बीच पेश किया गया। एडीजे ने मामले में अभियोजन का साक्ष्य पूरा हो जाने के बाद आरोपियों का बयान दर्ज किया।
मुख्तार अंसारी की पेशी के मद्देनजर कचहरी परिसर में सुरक्षा का व्यापक बंदोबस्त किया गया था। घटना दक्षिण टोला थाना क्षेत्र की है। मामले के अनुसार ठेकेदार अजय प्रकाश सिंह उर्फ मन्ना सिंह की हत्या के मामले में गवाह रहे रामसिंह मौर्या और सुरक्षा में लगे सिपाही सतीश की 19 मार्च 2010 को तत्कालीन एआरटीओ कार्यालय के पास गोलीमार कर हत्या कर दी गई थी।
घटना के बाबत वादी मुकदमा अशोक सिंह की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई। इसमें सदर विधायक मुख्तार अंसारी सहित पांच लोगों को नामजद तथा कुछ अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया। पुलिस ने विवेचना के बाद मुख्तार अंसारी, रामदुलारे, अनुज कन्नौजिया, पंकज यादव, रामू मल्लाह, राकेश उर्फ हनुमान पांडेय, शिवशंकर यादव, धर्मेंद्र सोनकर, राजेश सिंह उर्फ राजन सिंह, बृजेश सोनकर और जामवंत उर्फ राजू के विरूद्ध आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया था।
कोर्ट में अभियोजन की तरफ से पैरवी करते हुए एडीजीसी शिवदत यादव और मणिबहादुर सिंह ने वादी सहित कुल 16 गवाहों को पेशकर अपना पक्ष रखा। अभियोजन का साक्ष्य पूरा होने पर बुधवार को आरोपियों का बयान दर्ज हुआ।
इस दौरान मुख्तार अंसारी ने अपने बयान में कहा कि वह वर्ष 2005 से जेल में बंद है। राजनीतिक प्रतिद्वंदिता के चलते उन्हें मन्ना सिंह हत्याकांड के साथ रामसिंह की हत्या में भी नामजद कर फंसाया गया है। आरोपियों का बयान दर्ज होने के बाद एडीजे ने मामले में सफाई साक्ष्य के लिए 28 मार्च 2018 की तिथि नियत किया।