वहीं, गोरखपुर निवासी 54 वर्षीय व्यक्ति एलआईसी शाखा दो में विकास अधिकारी के पद पर तैनात थे। काफी दिनों से बीमार थे। पिछले दिनों कई प्राइवेट चिकित्सकों से इलाज कराया लेकिन फायदा नहीं हुआ। इसके बाद गोरखपुर के एक अस्पताल में एडमिट हुए थे। वहां कोरोना संक्रमित पाए जाने और हालत बिगड़ने पर दिल्ली के मैक्स अस्पताल में उनका निधन हो गया। उनकी पत्नी भी कोरोना संक्रमण से जूझ रही है।