सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड की डीजल और ई-बसों में एमएसटी का लाभ यात्रियों को नहीं मिल रहा है। लगभग तीन हजार यात्रियों को एमएसटी की सुविधा मिलनी बंद हो गई है। लखनऊ से स्मार्ट कार्ड नहीं मिलने के कारण सुविधा यात्रियों को नहीं मिल रही है।
एसएमटी से सफर में किराये पर 10 फीसदी की बचत होती है, ऐसे में यात्रियों को रोजाना सफर में ज्यादा पैसा खर्च करना पड़ रहा है। वाराणसी सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड के बेड़े में 50 ई-बस और लगभग 70 डीजल बसों का संचालन होता है।
अब तो ई-बसों का संरालन पीडीडीयूनगर और रामनगर तक होता है। स्मार्ट कार्ड की तरह जारी होने वाली एमएसटी फिलहाल बंद है। चौबेपुर, चोलापुर, दानगंज, पीडीडीयूनगर, पड़ाव, रामनगर समेत अन्य क्षेत्रों से कैंट आवाजाही करने वाले लगभग तीन हजार यात्रियों ने एमएसटी बनवा रखी है।
वहीं, 500 से अधिक नए यात्रियों ने एमएसटी के लिए आवेदन दे रखा है। यह आवेदन फरवरी माह से ही है। ई-बसों में सफर करने वाले यात्री एमएसटी को लेकर परिचालकों से रोजाना पूछताछ कर रहे हैं। परिचालक भी उन्हें सांत्वना देते हैं कि लखनऊ से कार्ड आते ही एमएसटी की सुविधा शुरू हो जाएगी।
कार्ड की तरह जारी होने वाले एमएसटी को लेकर मुख्यालय को पत्र लिखा गया है। जल्द ही कार्ड उपलब्ध होगा। लखनऊ से कार्ड जारी होते ही यात्रियों को सथानीय स्तर पर सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। - परशुराम पांडेय, एमडी, सिटी ट्रांसपोर्ट
तीन तरह की है एमएसटी की सुविधा
-पहला निर्धारित रूट के लिए, जिसके माध्यम से यात्री निर्धारित मार्ग पर आवागमन करते हैं
-दूसरा किसी भी रूट के लिए एमएसटी बनता है, इसमें यात्री किसी भी मार्ग पर आवागमन करते हैं
-तीसरा ओपन कार्ड बनता है, इस कार्ड को 500 रुपये से रिचार्ज कराना होता है, कार्ड में तब तक पैसा रहेगा, यात्री अपनी सुविधानुसार यात्रा करते हैं