वाराणसी जिले के सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों को बिना किसी खर्च एमआरआई की सुविधा मिल सके, इसके लिए जिला अस्पताल परिसर में 96.81 लाख खर्च कर एमआरआई भवन बनवाया गया। छह साल पहले मार्च 2019 में भवन बनने के बाद से यहां मशीन ही नहीं लगाई जा सकी है। अब पूरी बिल्डिंग को गिराने की तैयारी चल रही है।
दरअसल एमआरआई भवन वाली जगह मेडिकल कॉलेज बनाए जाने के लिए चिह्नित जगह के दायरे में आ रही है। जिला अस्पताल में मेन गेट के पास सीटी स्कैन सेंटर के पीछे 12 जून 2018 में एमआरआई भवन का निर्माण शुरू हुआ।
उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण एवं श्रम विकास सहकारी संघ लिमिटेड लखनऊ की ओर से 12 मार्च 2019 को इसका निर्माण कार्य पूरा करवाकर भवन हैंडओवर कर दिया गया। इसके बाद से यहां ताला भी नहीं खुल सका है। 5 साल के दौरान यहां जो भी अधिकारी आए, किसी ने मशीन लगवाकर जांच शुरू करवाने की पहल नहीं की। अब इसको गिराए जाने का निर्णय लिया गया है।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. बृजेश कुमार ने बताया कि अस्पताल परिसर में मेडिकल कॉलेज का निर्माण होना है। जिस जगह एमआरआई के लिए भवन बना है, उस जगह को मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए चुना गया है। लिहाजा एमआरआई भवन को गिराने की सूचना मिली है।