एमपी के सीएम मोहन यादव
- फोटो : अमर उजाला
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव मंगलवार की सुबह काशी पहुंचे। उन्होंने श्रीकाशी विश्वनाथ के दर्शन किए। इसके बाद मंदिर परिसर में क्राउड मैनेजमेंट सिस्टम को देखा और डीएम सत्येंद्र कुमार व मंदिर के सीईओ विश्वभूषण मिश्रा से पूरी व्यवस्था की जानकारी ली। इसके बाद कैंट स्थित होटल रमाडा में उत्तर प्रदेश-मध्य प्रदेश सहयोग सम्मेलन में हिस्सा लिया।
सम्राट विक्रमादित्य ने वीरता, दानशीलता, न्याय, शौर्य और सुशासन का उदाहरण प्रस्तुत किया। लगभग दो हजार साल पहले उनके शासनकाल की विशेषताओं पर आधारित इस महानाट्य का मंचन आगामी 3, 4 और पांच अप्रैल को काशी के बीएलडब्ल्यू मैदान पर होने जा रहा है। एक घंटे 45 मिनट के इस महानाट्य में 175 से ज्यादा कलाकार सम्राट विक्रमादित्य की वीरता और न्यायप्रियता को जीवंत करेंगे। इस नाटक में अश्व दल के उपयोग, सशस्त्र सेना के जीवंत अभिनय देख लोग रोमांचित होंगे। ये बातें मंगलवार को मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बीएलडबल्यू मैदान पर आयोजित भाजपा पदाधिकारियों, मंडल अध्यक्षों व पार्षदों की बैठक को संबोधित करते हुए कहीं।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विरासत के संरक्षण के साथ विकास की बात कही है। मध्यप्रदेश इस मंत्र को अपनाकर कार्य कर रहा है। आज जब हम जनकल्याण, सुशासन और विकास की बात कर रहे हैं और ये प्रेरणा हमें सम्राट विक्रमादित्य जैसे महान इतिहास पुरुष से प्राप्त हुई है। सम्राट विक्रमादित्य हमारे वैभवशाली अतीत के महानायक हैं। ऐसे विक्रमादित्य जो काल गणना, विवेकपूर्ण न्याय, शौर्य और महानता के लिए जाने जाते है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार ने इस गौरवशाली इतिहास को भुलाने का कार्य किया। वामपंथियों ने लोगों को भ्रमित करने का कार्य किया।
बैठक में शहर दक्षिणी विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी ने कहा कि इस आयोजन को लेकर पार्टी की तैयारियां अंतिम दौर में है। मंडलों की बैठकें हो चुकी हैं। इस महानाट्य को देखने के लिए भाजपा कार्यकर्ता घर घर जाकर लोगों को निमंत्रण दे रहे हैं।