मंदिर परिसर में मीडिया से बातचीत के दौरान चंद्रशेखर आजाद ने केंद्र और प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि हमारा समाज का देश की आजादी और सुरक्षा में ऐतिहासिक योगदान रहा है, लेकिन आज वही समाज हाशिये पर धकेला जा रहा है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि सरकार को ब्रिटिश काल में गठित हमारे रेजीमेंट को तत्काल बहाल करना चाहिए।
सांसद ने कहा कि हमारा रेजीमेंट किसी एक समाज की मांग नहीं, बल्कि सम्मान, स्वाभिमान और इतिहास से जुड़े अधिकार का सवाल है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकारें दलितों के नाम पर राजनीति तो करती हैं, लेकिन अधिकार देने के समय पीछे हट जाती हैं। चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि अगर सरकार सच में सामाजिक न्याय की पक्षधर है तो उसे हमारे समाज के साथ न्याय करना होगा।
उन्होंने संत रविदास के विचारों का हवाला देते हुए कहा कि संत रविदास ने समानता और सामाजिक न्याय का संदेश दिया था, लेकिन आज उसी विचारधारा को कुचलने का प्रयास किया जा रहा है। सांसद ने कहा कि उनकी पार्टी दलित, पिछड़े और वंचित समाज की आवाज सड़क से संसद तक उठाती रहेगी।
इस दौरान उन्होंने समर्थकों से एकजुट रहने का आह्वान किया और कहा कि हक की लड़ाई शांतिपूर्ण लेकिन मजबूती से लड़ी जाएगी। कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पुलिस बल की तैनाती रही और भीड़ के कारण कुछ देर तक मंदिर मार्ग पर आवागमन प्रभावित रहा।