दहेज में सोने की चेन और कार की मांग पूरी न होने पर ससुरालियों ने विवाहिता और उसके दो मासूम बच्चों की गला दबाकर हत्या कर दी। यह सनसनीखेज घटना यूपी के बलिया जिले की है।
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ग्राम पंचायत जिगनी के नन्हागंज गांव में शनिवार को एक महिला और उसके दो मासूम बच्चों की लाश घर में मिलने से सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर महिला के मायके वाले मौके पर पहुंचे और उसके पति समेत सास, ससुर, जेठ, जेठानी और ननद पर दहेज के लिए हत्या का आरोप लगाते हुए थाने में तहरीर दी। पुलिस ने चार आरोपियों को हिरासत में लिया है।
तीनों शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। नन्हागंज गांव परिवार वालों ने ही महिला दो बच्चों की मौत होने की सूचना पुलिस और पत्नी के मायके वालों को दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, जहां बिस्तर पर दोनों बच्चों व रमिता का शव पड़ा था।
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पति सुनील चौहान का कहना है कि रमिता से शुक्रवार को मामूली विवाद हुआ था, जिसके बाद शनिवार की सुबह उसने बच्चों को जहर दे दिया और खुद फांसी लगा ली। वहीं, घटना की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे मायके वालों ने रमिता के पति समेत ससुराल वालों पर दहेज के लिए हत्या का आरोप लगाया।
मालूम हो कि गड़वार थाना क्षेत्र के रतसर बंगला निवासी जयप्रकाश चौहान ने अपनी पुत्री रमिता (30) की शादी 2012 में नन्हागंज निवासी अच्छेलाल चौहान के पुत्र सुनील चौहान साथ की थी।
दोनों बच्चों का शुक्रवार को हुआ था मुंडन संस्कार
- फोटो : अमर उजाला
विवाहिता के भाई रुदल चौहान ने तहरीर में आरोप लगाया कि ससुराल पक्ष के लोग रमिता को प्रताड़ित करते थे। दहेज में सिकड़ी व कार की मांग शादी के बाद से कर रहे हैं। रमिता व उसके दोनों बच्चे संध्या (5) एवं संदीप (एक) शुक्रवार को मुंडन संस्कार से लौटे थे।
रात में पति सुनील, जेठ विनोद, ससुर अच्छेलाल चौहान, सास शांति देवी, ननद मुनरी देवी व जेठानी पुष्पा देवी ने गला दबाकर उनकी हत्या कर दी। संध्या व संदीप दोनों बच्चों का मुंडन पचरुखिया में शुक्रवार को था। लेकिन नाव से रस्सी उस पार उसका पति नहीं ले गया।
इसके चलते घाट पर ही पति का पत्नी से विवाद हुआ था। इसके बाद इसी बात को लेकर घर पर भी उनके बीच विवाद हुआ। प्रभारी पुलिस अधीक्षक विजय पाल सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया हत्या का मामला प्रतीत हो रहा है।
विवाहिता के भाई की तहरीर पर पति समेत सास, ससुर, जेठ, जेठानी व ननद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इसमें चार लोगों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया है। शव का पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत की वजह स्पष्ट हो पाएगी।
ग्राम पंचायत जिगनी के नन्हागंज गांव में शनिवार को रमिता और उसके दोनों मासूम बच्चों संध्या (5) एवं संदीप (1) की मौत के बाद से लोग घटना की वजह जानने के लिए जहां उत्सुक रहे, वहीं दुखी भी। क्योंकि मासूम संदीप का शनिवार को ही जन्मदिन था।
शादी के पांच साल बाद रमिता को पुत्र हुआ था। ग्रामीणों का कहना था कि पति, पत्नी या परिवार में कोई विवाद भी था तो मासूमों का क्या गलती थी। इस हृदयविदारक घटना को लेकर मायके पक्ष से आए लोगों के साथ-साथ आसपास के लोगों में भी बड़ा आक्रोश था।
पड़ोसियों ने बताया कि बच्चे का पहला जन्मदिन मनाने को लेकर मां व परिवार के लोगों में काफी खुशी थी। सुनील पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में एक निजी कंपनी में नौकरी करता था। बच्चे के मुंडन संस्कार में ही छुट्टी लेकर घर लौटा था।
परिवार में खुशी का माहौल था। शुक्रवार को सभी पूरी तैयारियों के साथ गंगा घाट पर मुंडन संस्कार में गए भी थे। उसके अगली सुबह ही दोनों बच्चों के साथ मां का शव घर में मिलने को लेकर सभी स्तब्ध हैं।
उधर, गड़वार थाना के बंगला चौहान बस्ती निवासी जयप्रकाश चौहान की पुत्री रमिता व बच्चों की मौत से पूरे गांव में मातम है। शुक्रवार को ही रमिता के चाचा अवधेश चौहान के पुत्र संदीप के मुंडन संस्कार में गये थे।
गंगा घाट पर मायके वालों के साथ रमिता ने ज्यादा समय बिताया था। गांव के ओम प्रकाश चौहान, धर्मराज, हंसराज चौहान और पड़ोसी महिलाएं अंजलि देवी, सुनिधि चौहान, तुलसी देवी आदि ने बताया कि रमिता बहुत ही मिलनसार थी।