मां के अनुसार जब उसकी साड़ी में आग लगी तो गर्मी से उसकी नींद खुली तो आग देख वह चीखने-चिल्लाने लगी। तब बहू की नींद खुली और उसने जल्दी से उसड़ी साड़ी को फाड़कर फेंक दिया, जिससे वह जलने से बच गई। इसके बाद भी बेटे का गुस्सा ठंडा नहीं हुआ तो उसने घर के बाहर खड़ी एक स्कूटी और बाइक में आग लगाकर भाग गया।
सास-बहू के चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनकर आसपास के लोगों की नींद खुली तो वे लोग अपने घरों से बाहर निकले। बाइक और स्कूटी में लगी आग पानी डालकर बुझाई। महिला ने नगरा थानाध्यक्ष से उचित कार्रवाई करते हुए बेटे से अपनी, बहू व पोते-पोती की जान बचाने की गुहार लगाई है।