घटना की सूचना पाकर इंस्पेक्टर कैंट प्रभुकांत ने फैंटम दस्ते को मौके पर भेजा, लेकिन बहू और उसके पक्ष से कोई नहीं मिला। पुलिस ने कहा कि तहरीर मिलेगी तो मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
भेलूपुर थाना क्षेत्र के खोजवा इलाके में रहने वाले आशीष मोदनवाल (30) ने शुक्रवार की देर रात फांसी लगाकर जान दे दी। शनिवार की सुबह घटना की जानकारी होने पर परिजनों ने भेलूपुर थाने की पुलिस को सूचना दी। घटना की वजह पारिवारिक कलह बताई गई है। आशीष मोदनवाल सुंदरपुर सब्जी मंडी में समोसा और चाय की दुकान खोल रखा था। उसकी पत्नी राधिका अपने बेटे के साथ पिछले तीन साल से मायके में रहती है। पत्नी से अनबन होने के कारण आशीष हमेशा डिप्रेशन में रहता था।
उसके पिता राजेंद्र ने बताया कि रात में आशीष खाना खाने के बाद सोने के लिए चला गया। सुबह देर तक नहीं उठने पर दरवाजा खटखटाया गया लेकिन नहीं खुला। प्रभारी निरीक्षक भेलूपुर रमाकांत दूबे ने शव को फंदे से नीचे उतरवाया। उन्होंने बताया कि पत्नी के मायके में रहने के कारण युवक अवसादग्रस्त था। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजवाया गया है।
कटेसर गांव निवासी पूर्व छात्र नेता जितेंद्र यादव को गोली मारने और उसके चचेरे भाई हरिओम पर जानलेवा हमले के मामले में रामनगर थाने की पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत में लिया है। दोनों से पूछताछ कर घटना में शामिल उनके आठ अन्य दोस्तों की धरपकड़ का प्रयास किया जा रहा है। गंगा की रेत पर बसाई गई टेंट सिटी के समीप शुक्रवार की शाम युवाओं के दो गुट के बीच विवाद हुआ था। विवाद के दौरान ही दो राउंड फायरिंग की गई। असलहे से निकली गोली जितेंद्र को लगी थी।
जितेंद्र के साथ मौजूद उसके चचेरे भाई हरिओम पर लाठी-डंडे से जानलेवा हमला किया गया था। जितेंद्र के पिता वीरेंद्र यादव की तहरीर के आधार पर सीहाबीह निवासी दिलीप यादव व कोदोपुर निवासी पीयूष सिंह और आठ अज्ञात के खिलाफ रामनगर थाने में हत्या के प्रयास के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था। डीसीपी काशी जोन आरएस गौतम ने आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस की तीन टीम लगाई है।