फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मां-बेटी के कत्ल का क्या है राज: हफ्ते भर बाद भी अबूझ पहेली बनी वारदात, केस सुलझाने में उलझी वाराणसी पुलिस

Thu, 21 Jul 2022 04:06 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

वाराणसी के नरिया स्थित प्राथमिक विद्यालय के पास मकान के अंदर मां और बेटी का कत्ल अनसुलझी पहेली बन कर रह गया है। पुलिस न तो हत्या के कारणों को खोज सकी है और न ही हत्यारों को।
विज्ञापन
घटना स्थल पर पहुंचे एसीपी भेलूपुर प्रवीण कुमार सिंह और डीसीपी काशी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

वाराणसी के नरिया प्राथमिक विद्यालय के पास मकान में मां सुनीता (55) और बेटी दीपिका (28) की सिर कूंचकर हुई हत्या की गुत्थी उलझ गई है। घटना के हफ्ते भर बाद भी यह वारदात अबूझ पहेली बनी हुई है। इस दोहरे हत्याकांड को सुलझाने में वाराणसी पुलिस उलझ गई है। जिस प्रकार दोहरे हत्याकांड को अंजाम दिया गया है उससे लोग सकते में हैं। क्योंकि करीब 11 दिन तक मकान में दो लाशें पड़ी रहीं और किसी को भनक तक नहीं लगी। अगर दुर्गंध नहीं उठती तो शायद किसी को घटना की जानकारी नहीं हो पाती।

विज्ञापन


घटना के सात दिन बाद भी पुलिस टीम के हाथ कोई ऐसा साक्ष्य नहीं मिल पा रहा है, जिससे कातिलों तक पहुंचा जा सके। गुरुवार को एसीपी भेलूपुर प्रवीण कुमार सिंह, डीसीपी काशी और क्राइम ब्रांच की टीम ने दोबारा घटनास्थल का मुआयना किया। मां-बेटी के कत्ल की घटना के संभावित कारण तलाशने की कोशिश की गई। अब तक घटना का स्पष्ट कारण नहीं पता चल सका है।

पुलिस आयुक्त ने भी किया था घटनास्थल का निरीक्षण
बीते दिनों पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश समेत अन्य अधिकारियों ने भी घटनास्थल का दौरा किया था। मंगलवार को एसीपी भेलूपुर प्रवीण कुमार सिंह, क्राइम ब्रांच की टीम ने घर के अंदर और बाहर सहित चारों तरफ घूमकर एक-एक बिंदुओं की पड़ताल की थी। घटना स्थल के समीप लगे तीन सीसीटीवी कैमरों की जांच की गई, जिससे कोई सुराग हाथ नहीं लगा।

विज्ञापन

घटनास्थल के पिछले दरवाजे पर पीछे वाले हिस्से में बस्तियों के बीच लगे सीसीटीवी कैमरा नहीं होने के कारण पुलिस की परेशानी बढ़ गई है। घटनास्थल को सील करते हुए 24 घंटे की निगरानी के लिए दो सिपाहियों का ड्यूटी लगाई गई है। वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश के बिना किसी को भी घर में प्रवेश की अनुमति नहीं है। पुलिस हिरासत में लिए गए छोटे बेटे अंजनी से भी पूछताछ में कोई कड़ी नहीं जुड़ी। संपत्ति विवाद सहित अन्य कई बिंदुओं पर पुलिस काम कर रही है।

एक नजर में पूरा मामला

घटना स्थल पर पहुंचे एसीपी भेलूपुर प्रवीण कुमार सिंह और डीसीपी काशी - फोटो : अमर उजाला
मूल रूप से देवरिया के रहने वाले बालमुकुंद बिजली विभाग से सेवानिवृत्त हुए थे। दो साल पहले उनकी मौत हो गई थी। आसपास के लोगों के मुताबिक बालमुकुंद पांडेय का बड़ा बेटा अखिलेश दिल्ली रहता है। छोटा बेटा अंजनी इस समय चोलापुर में एक पोल्ट्री फार्म चलाता है।

मकान में बालमुकुंद की पत्नी सुनीता पांडेय (55) और बेटी दीपिका पांडेय (28) रहती थीं। 13 जुलाई को मकान से दुर्गंध आने की सूचना पर पुलिस पहुंची। अंदर मां-बेटी का निर्वस्त्र हालत में 10 से 11 दिन पुराना शव मिला।  दोनों बेटे और मां के बीच मकान के बंटवारे को लेकर विवाद मामले में पुलिस ने जांच शुरू कि। छोटे बेटे अंजनी को पुलिस ने हिरासत में लिया है। 
विज्ञापन

मां और बहन की मौत के बाद भी नहीं पहुंचा बड़ा बेटा

मां और इकलौती बहन की हत्या की सूचना के इतने दिन बाद भी बड़ा बेटा अधिवक्ता अखिलेश पांडेय नई दिल्ली से घर नहीं पहुंचा। पुलिस ने उससे संपर्क किया। बेटा आने के लिए तैयार है, हालांकि उसे भय है कि पुलिस उसे ही न बैठा ले। लंका पुलिस के अनुसार पिछले नवंबर माह में छोटे भाई अंजनी की पुलिसकर्मियों से किसी बात पर विवाद हुआ था तो नई दिली से विमान से तीन घंटे में बनारस आ गया था। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें