घटनास्थल के पिछले दरवाजे पर पीछे वाले हिस्से में बस्तियों के बीच लगे सीसीटीवी कैमरा नहीं होने के कारण पुलिस की परेशानी बढ़ गई है। घटनास्थल को सील करते हुए 24 घंटे की निगरानी के लिए दो सिपाहियों का ड्यूटी लगाई गई है। वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश के बिना किसी को भी घर में प्रवेश की अनुमति नहीं है। पुलिस हिरासत में लिए गए छोटे बेटे अंजनी से भी पूछताछ में कोई कड़ी नहीं जुड़ी। संपत्ति विवाद सहित अन्य कई बिंदुओं पर पुलिस काम कर रही है।
घटना स्थल पर पहुंचे एसीपी भेलूपुर प्रवीण कुमार सिंह और डीसीपी काशी
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मूल रूप से देवरिया के रहने वाले बालमुकुंद बिजली विभाग से सेवानिवृत्त हुए थे। दो साल पहले उनकी मौत हो गई थी। आसपास के लोगों के मुताबिक बालमुकुंद पांडेय का बड़ा बेटा अखिलेश दिल्ली रहता है। छोटा बेटा अंजनी इस समय चोलापुर में एक पोल्ट्री फार्म चलाता है।
मकान में बालमुकुंद की पत्नी सुनीता पांडेय (55) और बेटी दीपिका पांडेय (28) रहती थीं। 13 जुलाई को मकान से दुर्गंध आने की सूचना पर पुलिस पहुंची। अंदर मां-बेटी का निर्वस्त्र हालत में 10 से 11 दिन पुराना शव मिला। दोनों बेटे और मां के बीच मकान के बंटवारे को लेकर विवाद मामले में पुलिस ने जांच शुरू कि। छोटे बेटे अंजनी को पुलिस ने हिरासत में लिया है।
मां और इकलौती बहन की हत्या की सूचना के इतने दिन बाद भी बड़ा बेटा अधिवक्ता अखिलेश पांडेय नई दिल्ली से घर नहीं पहुंचा। पुलिस ने उससे संपर्क किया। बेटा आने के लिए तैयार है, हालांकि उसे भय है कि पुलिस उसे ही न बैठा ले। लंका पुलिस के अनुसार पिछले नवंबर माह में छोटे भाई अंजनी की पुलिसकर्मियों से किसी बात पर विवाद हुआ था तो नई दिली से विमान से तीन घंटे में बनारस आ गया था।