जिला महिला अस्पताल के एमसीएच विंग में होती हैं सभी जांचें
लिहाजा सीढ़ी चढ़कर ऊपर जाने के बाद उनको सीढ़ियों पर बैठकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है। अगर यही व्यवस्था एमसीएच विंग में हो जाए तो यह परेशानी नहीं झेलनी पड़ेगी।
जिला महिला अस्पताल के एमसीएच विंग में होती हैं सभी जांचें
जिला महिला अस्पताल कबीरचौरा में भी एमसीएच विंग का संचालन होता है। यहां आने वाली गर्भवती महिलाओं को एक ही छत के नीचे खून जांच, अल्ट्रासाउंड सहित अन्य जांचों की सुविधा मिल रही है। ऐसे में दूर दराज से आने वाली महिलाओं को कही भटकना नहीं पड़ता है।
केस-1
पहड़िया निवासी एक गर्भवती महिला की फरवरी के पहले सप्ताह में डिलीवरी हुई। पति आर केशरी के अनुसार ओपीडी में दिखाने के दौरान जब भी अल्ट्रासाउंड लिखा गया,तब अस्पताल के सामान्य अल्ट्रासाउंड कक्ष पर जाने की सलाह दी गई। यहां मरीजों की भीड़ अधिक होने से आधे से एक घंटे तक का इंतजार करना पड़ता है।
केस-2
आजमगढ़ निवासी एक महिला को पेट में दर्द था, उनका ऑपरेशन भी हुआ। अब वह फॉलोअप में भी एमसीएच विंग आती हैं। इसी महीने के दूसरे सप्ताह में उन्होंने ओपीडी में डॉक्टर को दिखाया तो अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह मिली। पति टीके सिंह के मुताबिक जांच का फार्म एमसीएच विंग से भरकर मिला, लेकिन अल्ट्रासाउंड यहां नहीं हुआ। लिहाजा अस्पताल तक जाना पड़ा।
ओपीडी में आने वाली महिलाओं के लिए अल्ट्रासाउंड, ऑपरेशन के बाद भर्ती होने वाली महिलाओं के लिए पोर्टेबल एक्सरे, आईसीयू में पोर्टेबल वेंटीलेटर, अल्ट्रासाउंड का होना बहुत जरूरी है। एमसीएच विंग में सुविधाओं को लेकर एनएचएम को जल्द ही पत्र भेजा जाएगा। अभी महिलाओं को अस्पताल के अल्ट्रासाउंड कक्ष तक जांच के लिए जाना पड़ता है। - प्रो. संगीता राय, विभागाध्यक्ष, स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग, बीएचयू
बीएचयू एमसीएच विंग में गर्भवती महिलाओं को जांच, इलाज की सभी सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिलें, इस दिशा में बीएचयू अस्पताल से आने वाले पत्र पर शासन के निर्देश पर कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. संदीप चौधरी, सीएमओ