मौसम वैज्ञानिक एसएन पांडेय ने बताया कि सोमवार का तापमान 45.2 डिग्री सेल्सियस औसत से छह डिग्री अधिक रहा। अप्रैल महीने का औसत अधिकतम तापमान 39.5 है जो कि छह डिग्री सेल्सियस अधिक रिकार्ड किया गया है। बताया कि 2010 में अप्रैल महीने में 45.4 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा है।
हवा की रफ्तार थम गई है और धूप भी पहले से अधिक तीखी हो रही है। सड़क पर चलते समय ऐसा लग रहा है मानों आसमान से आग बरस रही हो। सोमवार का मौसम कुछ ऐसा ही रहा। यही कारण है कि तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। सोमवार का दिन इस सीजन का सबसे गर्म दिन रहा। इसके साथ ही दिल्ली, आगरा समेत कई जिलों से वाराणसी का तापमान सबसे अधिक रहा। मौसम वैज्ञानिक के अनुसार दो-तीन दिन ऐसा ही मौसम रहने की संभावना है। इसके बाद कुछ राहत मिलने के आसार हैं।
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वाराणसी का अधिकतम तापमान जहां 45.2 डिग्री सेल्सियस रहा, वहीं आगरा, दिल्ली, लखनऊ, गोरखपुर, प्रयागराज का 44 तक रिकार्ड किया गया। इन जिलों में सबसे गर्म वाराणसी रहा। बीएचयू के मौसम वैज्ञानिक प्रो. मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि अभी लोगों को दो तीन दिन तेज धूप, गर्मी झेलनी पड़ेगी। राजस्थान में एक पश्चिमी विक्षोभ बन रहा है, जिसकी वजह से तीन दिन बाद से यहां बादलों की आवाजाही के साथ ही नम हवा चलने के आसार हैं। इससे गर्मी से थोड़ी राहत मिलेगी।
औसत से छह डिग्री अधिक है तापमान
मौसम वैज्ञानिक एसएन पांडेय ने बताया कि सोमवार का तापमान 45.2 डिग्री सेल्सियस औसत से छह डिग्री अधिक रहा। अप्रैल महीने का औसत अधिकतम तापमान 39.5 है जो कि छह डिग्री सेल्सियस अधिक रिकार्ड किया गया है। बताया कि 2010 में अप्रैल महीने में 45.4 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा है।