शराब पीने के बाद पुरानी बात को लेकर बुढ़वा विश्वकर्मा ने अंकित को गाली दे दी। जब अंकित ने विरोध किया तो बुढ़वा और उसके साथ रहे दो अन्य युवकों ने अंकित की पिटाई कर दी। तभी बुढ़वा ने पास में रखे छोटे सिलिंडर से अंकित के सिर पर वार कर दिया।
सिर पर तेज वार से अंकित वहीं अचेत हो गया और उसके सिर से खून बहने लगा। यह देखते ही बुढ़वा और उसके दोनों साथी वहां से भाग निकले। आसपास के लोगों ने घटना की सूचना अंकित के परिजनों को दी। परिजनों और पड़ोसियों ने तुरंत अंकित को ई-रिक्शा की मदद से मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा में भर्ती कराया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
लगभग 40 मिनट के बाद चौकी इंचार्ज को घटना की सूचना मिली। हरकत में आई पुलिस ने तुरंत शव को मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा के मोर्चरी हाउस में रखवाया। सूचना मिलते ही एसीपी कोतवाली विजय प्रताप सिंह घटनास्थल पर पहुंचे और आसपास के लोगों से घटनाक्रम के बारे में जानकारी ली।
आदमपुर पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के सीसी कैमरे खंगाले। अंकित की भाभी रीना देवी ने पुलिस को बताया कि देवर दोपहर में खाना खाकर अपने काम पर गए थे। शाम को घर पहुंचे तो ब्रश, पेंट रखकर घर के पास में ही स्थित एक दुकान पर गए थे। वहीं, पर बुढ़वा विश्वकर्मा समेत अन्य लोगों से विवाद हुआ और सभी ने सिलिंडर से वार कर हत्या कर दी।
आदमपुर इंस्पेक्टर विमल कुमार मिश्रा ने बताया कि अंकित की मां सरस्वती देवी और पिता छुन्नी लाल राजभर की पूर्व में मौत हो चुकी है। बड़ा भाई मोहन लाल है, जो कि दिव्यांग है। भाभी रीना देवी है। एसीपी कोतवाली विजय प्रताप सिंह ने बताया कि परिजनों की तहरीर के आधार पर नामजद प्राथमिकी दर्ज की जा रही है। शव को संरक्षण में लिया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की दो टीमें गठित की गई हैं।