लहरतारा कैंसर संस्थान के जांच को लेकर समझौता हुआ।
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वाराणसी के महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर संस्थान (एमपीएमएमसीसी) और होमी भाभा कैंसर अस्पताल (एचबीसीएच) में जल्द ही कैंसर मरीजों के लिए मॉलीक्यूलर टेस्ट की सुविधा शुरू होगी। अब तक सैंपल मुंबई भेजना पड़ता था। सीएसआर के तहत कमिश्नर दीपक अग्रवाल की उपस्थिति में इंडियन ऑयल कार्पोरेशन लिमिटेड और होमी भाभा कैंसर अस्पताल के बीच लेकर करार हुआ है।
मॉलीक्यूलर पैथलॉजी लैब स्थापित करने के लिए कैंसर अस्पताल को 1.90 करोड़ रुपये भी मिले हैं। अस्पताल के निदेशक डॉ. सत्यजीत प्रधान ने बताया कि पूर्वांचल में कैंसर मरीजों के लिए मॉलीक्यूलर टेस्ट की सुविधा उपलब्ध नहीं है। मरीजों का सैंपल दूसरे शहर भेजना पड़ता है। कैंसर के कई गांठों का ठीक से पता लगाने के लिए इम्यूनोहिस्टो केमेस्ट्री टेस्ट किया जाता है।
बीमारी का पता इस जांच में नहीं लगता है तो मॉलीक्यूलर टेस्ट की जरूरत पड़ती है। पैथलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. शशिकांत पटने ने बताया कि टेस्ट की सुविधा चरणबद्ध तरीके से अस्पताल में शुरू की जाएगी। फिलहाल हर महीने औसतन 30 सैंपल मुंबई स्थित टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल भेजने पड़ते हैं। अब नई सुविधा के शुरू होने से शोध और शैक्षणिक कार्यों में भी मदद मिलेगी। इस दौरान श्रीधर भागवत, अनिल लिमा, केएस पांगते मौजूद रहे।