उन्होंने कहा, संघ पर दो बार प्रतिबंध लगा, मगर कोई भी अपने ध्येय पथ से डिगा नहीं। परिवार की ताकत की वजह से जेल जाने के बाद भी किसी ने माफी नहीं मांगी। उन्होंने कहा, हमारा आचरण, व्यवहार और रहन-सहन में हिंदुत्व का भाव दिखना चाहिए। स्नेह मिलन कार्यक्रम के बाद वे देर रात लखनऊ के लिए प्रस्थान कर गए।
बीएचयू में स्वतंत्रता भवन पहुंचने से पहले पुलिस की लापरवाही से आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत की फ्लीट भटक गई। बीच सड़क पर रुककर मोहन भागवत ने गाड़ी के अंदर से ही पूछा कि किधर जाना है। इसके बाद मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी हरकत में आए और फ्लीट को रास्ता दिखाया। देर रात एकात्मता एक्सप्रेस से लखनऊ रवाना हुए।