डिजिटल नेटवर्क पर निगाह
दोनों मामलों को जोड़कर देखें तो आजमगढ़ में एटीएस की निगाह अब केवल पारंपरिक आपराधिक गतिविधियों तक सीमित नहीं बल्कि सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिये संचालित नेटवर्क पर भी है। 31 मई के बाद 12 सितंबर की कार्रवाई में भी एजेंसी ने युवाओं को ऑनलाइन माध्यम से जोड़ने और आतंकी विचारधारा के प्रचार-प्रसार की बात कही है।