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मोदी की नाव का सारथी बना वीरेंद्र

Mon, 02 May 2016 02:21 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
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बाोट में पीएम
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 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार की शाम काशी में ई-बोट से नौकायन का लुत्फ उठाया। उन्होंने उसी ई-बोट की सवारी की, जिसका प्रयोग के तौर पर पहली बार काशी के मल्लाहों को वितरण किया गया। इस दौरान पीएम ने नाव चलाने वाले वीरेंद्र निषाद से खेवाई के अर्थशास्त्र की भी जानकारी ली। पीएम से बात कर वीरेंद्र की खुशी का ठिकाना नहीं है।
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पीएम नरेंद्र मोदी ने नौकायन के दौरान अपनी सहजता से मल्लाह को आगे बढ़ने का मंत्र भी दिया और उससे खेवाई से होने वाली आमदनी भी पूछी। वीरेंद्र ने बताया कि वह अपने भाई ग्वाल साहनी के साथ पीएम की नाव चला रहा था। पीएम जैसे ही नाव पर सवार हुए वीरेंद्र और ग्वाल दोनों नीचे बैठ गए। इस पर पीएम ने वीरेंद्र को बहुत सहजता सीट पर बैठने के लिए कहा। कहा कि ऐसे अच्छा नहीं लगेगा, तुम मेरे सामने बैठो। करीब 20 मिनट तक पीएम के नौकायन के सारथी रहे वीरेंद्र ने बताया कि उन्होंने पहले नावों से होने वाली आमदनी और खर्च के बारे में जानकारी ली। उन्होंने पूछा कि स्टीमर में रोज डीजल कितना लग जाता है? वींरेंद्र ने बताया कि करीब पांच सौ रुपये। दिक्कतें क्या आती हैं? इस पर वीरेंद्र ने बताया कि डीजल तो खर्च होता ही है शोर से पर्यटकों को परेशानी होती है। इस दौरान पीएम बहुत खुश नजर आ रहे थे। उन्होंने वीरेंद्र से कहा कि नाव तेज चलाओ। वीरेंद्र ने इस पर उनसे कहा कि मीडिया वाले पीछे-पीछे आ रहे हैं सुरक्षाकर्मी भी हैं? एतराज करने लगेंगे। इस पर पीएम मोदी ने कहा कि तुम इसकी चिंता मत करो। वह तुलसी घाट की ओर जाना चाहते थे लेकिन डी का घेरा होने की वजह से मैंने नाव को मोड़ लिया और मंचस्थल की ओर चला आया।
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