वाहन से उतरकर जाते स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती
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पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह और पूर्व मंत्री उमा भारती द्वारा ट्रस्ट में पिछड़ी जाति को शामिल करने के जवाब में कहा कि देश की आबादी 1.30 करोड़, ऐसे में सभी की मांग को मानना संभव नहीं होगा। सभी ट्रस्ट में शामिल होने के बजाय अपना सहयोग दें। श्रीराम जन्मभूमि का मलबा दूसरे पक्ष द्वारा मांगे जाने पर उन्होंने कहा कि वहां प्राचीन मंदिर था।
वर्ष 1992 में ही मलबा खत्म हो गया, अब मुस्लिम पक्षकार उसे ढूंढ़ते रहे। ज्योतिषपीठ शंकराचार्य पद को लेकर विवाद पर कहा कि न्यायालय ने तो दूसरे लोग जो कोर्ट गए उन्हें भी शंकराचार्य नहीं माना है। पूरा फैसला नेट पर उपलब्ध है।
कहा कि गंगा जितनी स्वच्छ होनी चाहिए उतनी नहीं हुई है। हालांकि प्रयास चल रहा है। सरकार पूरा प्रयास कर रही है लेकिन पहले से जो गतिविधियां बनी हैं उनमें जब तक परिवर्तन नहीं होगा तब तक पूरा प्रयास सार्थक नहीं होगा। इसके लिए सभी को मिल कर प्रयास करना चाहिए।