बागपत जेल में मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद प्रदेश भर की जेलों में हाई एलर्ट के बावजूद मंगलवार को एक बार फिर बनारस की जिला जेल से दो सील पैक मोबाइल, तीन चार्जर और गांजा बरामद हुआ। इसे लेकर कारागार प्रशासन सवालों के घेरे में है।
वहीं, शासन स्तर से सख्ती के बावजूद कारागार प्रशासन की हद दर्जे की लापरवाही जारी है। हालात ऐसे ही रहे तो जिला जेल में किसी दिन बड़ी अनहोनी से इंकार नहीं किया जा सकता है। जिला जेल की बैरक नंबर 12 और 13 के समीप दो सील पैक मोबाइल पड़ा मिला तो बंदीरक्षक उसे लेकर जेलर के पास पहुंचे।
जेलर पीके त्रिवेदी ने बताया कि दोनों मोबाइल फोर जी और सील पैक हैं। तीन चार्जर और नशीला पदार्थ फेंका पड़ा था। दोनों मोबाइल कैंट पुलिस को सुपुर्द कर मुकदमा दर्ज करने के लिए तहरीर दी गई है।
दोनों मोबाइल जेल के पीछे की चहारदीवारी की ऊंचाई कम होने और मकान होने के कारण हुकुलगंज की ओर से फेंके गए थे। बरामद मोबाइल के बारे में क्राइम ब्रांच तफ्तीश करेगी तो पता लग जाएगा कि वो किसके नाम-पते से खरीदे गए थे।
वहीं, मोबाइल बरामद होने की जानकारी पाकर डीआईजी जेल वीएस यादव भी पहुंचे। बंदीरक्षकों के साथ उन्होंने मुलाकातियों के साथ ही बैरकों में सघन तलाशी अभियान चलाया।
बता दें कि रविवार की शाम डीएम और एसएसपी ने जिला जेल में छापामारी की थी। इस दौरान जेल से मोबाइल, सिम, चिलम, गांजा, बीड़ी, सब्जी काटने वाला चाकू सहित अन्य प्रतिबंधित सामग्रियां बरामद हुई थी।