महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में प्रवेश परीक्षाओं की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। 20 पाठ्यक्रमों में सीधे प्रवेश दिया जाएगा और 10 में मेरिट से दाखिला होगा। वहीं, बाकी 29 पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा कराई जाएगी। काशी विद्यापीठ में दाखिले के लिए 33000 से अधिक छात्रों ने आवेदन किए हैं। अंतिम सूची जारी कर दी है।
स्नातक, स्नातकोत्तर और व्यावसायिक में 29 पाठ्यक्रमों के लिए दोगुने से अधिक आवेदन आए हैं। 3329 सीटों के लिए आवेदकों की संख्या 31,262 है। 29 पाठ्यक्रमों में रेगुलर 1700, पेड सीटों की संख्या 1375, ईडब्ल्यूएस के लिए 254 सीटें आरक्षित हैं। 29 पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा होगी। 20 पाठ्यक्रमों में तो निर्धारित सीट से कम आवेदन आए हैं। 10 पाठ्यक्रमों में सीटों के सापेक्ष 3 से 4 प्रतिशत अधिक आवेदक हैं।
कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी ने बताया कि प्रवेश परिणाम के बाद मेरिट सूची के साथ ही प्रतीक्षा सूची भी प्रकाशित की जाएगी। प्रवेश में प्रमाण पत्रों की जांच विभागवार होगी। प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद ही फीस जमा कराई जाएगी। इसके बाद परिचय पत्र एवं लाइब्रेरी कार्ड बनाए जाएंगे। प्रवेश के लिए काशी विद्यापीठ का ऑनलाइन अंकपत्र भी मान्य होगा। वहीं, दूसरी संस्थाओं का ऑनलाइन अंकपत्र संबंधित प्राचार्य/ परीक्षा नियंत्रक द्वारा प्रमाणित होना चाहिए।
प्रवेश परीक्षा के दौरान परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए हेल्प डेस्क का गठन किया जाएगा। संकायाध्यक्षों के निर्देशन में प्रवेश प्रक्रिया के लिए गठित होने वाला हेल्प डेस्क प्रवेश संबंधी शंकाओं का समाधान करेगा। इसके साथ ग्रीवांस सेल भी हेल्प डेस्क के रूप में काम करेगा।
काशी विद्यापीठ की वार्षिक और सेमेस्टर परीक्षाएं चल रही हैं। दूसरे दिन कई परीक्षा केंद्रों पर कोविड प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया। पहली पाली में सख्ती नजर आई, लेकिन तीसरी पाली की परीक्षा छूटने के बाद केंद्रों के बाहर अभिभावक और विद्यार्थियों की भीड़ लगी रही। वहीं, पहले दिन शुक्रवार को तीन नकलची पकड़े गए थे।
जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि सेमेस्टर परीक्षा में 1477 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। पहले दिन 44,997 परीक्षार्थियों को शामिल होना था। तीनों पालियों में 43,520 छात्र शामिल रहे। वहीं, वार्षिक परीक्षा में कुल 1348 विद्यार्थी अनुपस्थित रहे। 62,890 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी।
शनिवार को 15 जुलाई को स्थगित प्रश्नपत्रों की परीक्षा का आयोजन तीन पालियों में कराया गया। विश्वविद्यालय परिसर में कोविड प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन कराया जा रहा है। वहीं, महाविद्यालयों में लगातार लापरवाही बरती जा रही है।