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Varanasi: BHU कैंपस में एमएससी की छात्रा के साथ छेड़खानी और मारपीट, मोबाइल और पर्स भी लेकर भागे बदमाश

Mon, 09 Jan 2023 09:57 AM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

बीएचयू कैंपस में एमएससी की छात्रा के साथ छेड़खानी और मारपीट का मामला सामने आया है। घटना चार जनवरी की है। छात्रा ने लंका थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। 
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काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) परिसर में एमएससी की छात्रा से छेड़खानी, मारपीट और लूट का मामला सामने आया है। छात्रा की तहरीर पर शनिवार की देर रात लंका थाने में चार अज्ञात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।  

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छात्रा की तहरीर पर दर्ज केस के मुताबिक, वह चार जनवरी की देर शाम लाइब्रेरी में थी। पढ़ाई के बाद रात साढे़ आठ बजे अपने सहपाठी के साथ साइकिल से छात्रावास जा रही थी। इसी बीच एलडी गेस्ट हाउस चौराहे के पास बाइक सवार तीन युवकों ने साइकिल में टक्कर मार दी। इसके बाद छेड़खानी करने लगे। युवक नशे में धुत थे। लिहाजा, इसे नजरअंदाज करके हम आगे बढ़ गए, लेकिन युवक नहीं माने।

एनसीसी कार्यालय के सामने जबरन रोका

एक और युवक को बुलाकर पीछा किया और एनसीसी कार्यालय के सामने हमें जबरन रोक लिया। इसका विरोध करने पर सहपाठी व कन्नौज निवासी युवक को पीटा गया। गालीगलौज भी की गई। साथ ही सहपाठी का फोन और पर्स लूट लिया गया। पर्स में आठ हजार रुपये रखे थे। खोजबीन के बाद फेंका गया मोबाइल तो मिला, लेकिन पर्स व उसमेें रखे रुपये नहीं मिल सके।

छेड़खानी, लूटपाट और मारपीट करने के बाद सभी युवक रूईया छात्रावास के पीछे वाले द्वार से अंदर चले गए। इस मामले की शिकायत प्रॉक्टोरियल बोर्ड से भी की गई थी। अब पुलिस से न्याय की गुहार लगाई जा रही है। बहरहाल, लंका पुलिस ने तहरीर के आधार पर छेड़खानी, लूट और मारपीट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।  

तो घटना में परिसर के ही कुछ युवक शामिल 
पुलिस के मुताबिक, इस घटना में परिसर के कुछ युवक ही शामिल हैं। सीसी कैमरों की जांच से सच सामने आ जाएगा। घटना के बाद आरोपी छात्रावास में ही गए हैं। इसकी जानकारी छात्रा ने तहरीर में दी है। जल्द ही आरोपियों को दबोचा जाएगा। 

प्रभारी निरीक्षक लंका  बृजेश कुमार सिंह ने कह कि चार अज्ञात के खिलाफ छेड़खानी, लूट समेत अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज किया गया है। परिसर में लगे सीसी कैमरे खंगाले जा रहे हैं। बीएचयू के चौकी प्रभारी को जांच दी गई है। आरोपियों की पहचान जल्द की जाएगी, फिर गिरफ्तार होगी।  
 

बीएचयू में पहले भी हुईं छेड़खानी की घटनाएं

बीएचयू के छात्रावासों में बाहरियों का आना-जाना फिर से शुरू हो गया। इसी का नतीजा है कि छेड़खानी, मारपीट की घटना सामने आई है। हालांकि, पहले भी ऐसा हो चुका है।  प्रॉक्टोरियल बोर्ड तक शिकायतें पहुंचती हैं, फिर मामला पुलिस के पास आता है। 
  •  7 सितंबर 2022:  ऑडिशन के लिए आई छात्राओं के साथ छेड़खानी। आर्ट फैकल्टी बीए प्रथम वर्ष के छात्रों पर छेड़छाड़ और मारपीट का आरोप लगा था। लंका पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने में हीलाहवाली की तो छात्र-छात्राओं ने लंका थाने का घेराव करते हुए प्रदर्शन किया था। इसके बाद आरोपी छात्रों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। 
  • 21 अगस्त 2022: बीए तृतीय वर्ष की छात्रा के साथ कंप्यूटर सेंटर चौराहे के पास छेड़खानी। बलिया की मूल निवासी छात्रा ने तीन छात्रों के खिलाफ लंका थाने में छेड़खानी और मारपीट का मुकदमा दर्ज कराया था।
  • 2 जून 2022: कृषि विज्ञान संस्थान के पास कार सवार युवकों ने छात्रा के साथ छेड़खानी की थी। विरोध करने पर मारापीटा। पीड़िता ने लंका थाने में तहरीर दी थी। 
  • 4 अप्रैल 2022: केएन उड़प्पा सभागार के सामने ही एमए प्रथम वर्ष की छात्रा से छेड़खानी। बाइक सवार मनबढ़ों ने छात्रा के सहपाठी को थप्पड़ भी मारा था। इस घटना के बाद छात्रा ने तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। 
  •  12 फवरी 2022: एनसीसी की छात्रा के साथ एनसीसी के हवलदार ने छेड़खानी की थी। नोट्स देने के बहाने छात्रा को नरिया गेट पर बुलाकर छेड़छाड़ किया था। इस मामले में लंका पुलिस ने आरोपी हवलदार को गिरफ्तार किया था।
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सजा व जुर्माने के प्रावधान

जिला न्यायालय एवं सत्र न्यायालय के अधिवक्ता सुमित उपाध्याय के मुताबिक, भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की जिन धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ है, उनमें सजा के कड़े प्रावधान हैं। 
धारा 354: छेड़खानी में एक वर्ष की सजा, जिसे पांच साल तक बढ़ाया जा सकता है। जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
धारा 392: जो भी कोई लूट करेगा, उसे किसी एक अवधि के लिए कठिन कारावास की सजा दी जा सकती है। इसे दस वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है। जुर्माना भी लगाया जा सकता है। यदि लूट राजमार्ग पर सूर्यास्त और सूर्योदय के बीच की गई हो तो  14 वर्ष तक की सजा हो सकती है।
धारा 323: मारपीट में एक साल तक की सजा के साथ एक हजार रुपये जुर्माना या फिर दोनों।
धारा 504: दो वर्ष तक की सजा और जुर्माना। 
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