फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP Crime: सुरक्षाकर्मियों से धक्का-मुक्की कर नमो घाट पर घुसे मनबढ़, बिना परमिशन के हुआ वैवाहिक कार्यक्रम

Fri, 12 Jul 2024 04:28 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी

सार

Varanasi News: नमो घाट पर मारपीट और धक्का-मुक्की के बीच सुरक्षाकर्मियों ने गेट को बंद किया। इसकी सूचना पुलिस को भी दी गई। आरोप है कि पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। वहीं, परमिशन मांगने पर लड़की और लड़का पक्ष के लोगों ने इंकार कर दिया।
विज्ञापन
नमोघाट के गेट पर कहासुनी के दौरान। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आदमपुर थानांतर्गत नमो घाट पर बिना परमिशन के शादी समारोह का आयोजन किया गया। इतना ही नहीं शादी में शामिल होने आए 8-10 युवकों ने गेट बंद होने को लेकर पहले विवाद किया, फिर सुरक्षा में लगे सिक्योरिटी गार्डों से जमकर झगड़ा किया।

विज्ञापन


मामले की शिकायत पुलिस से भी की गई, लेकिन घंटों बाद भी आदमपुर पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। बाद में सुरक्षा कर्मियों ने गेट खोल दिया और उपद्रव करने वाले युवक गोवर्धन मंदिर की ओर चले गए। 

विज्ञापन


नमो घाट पर किसी भी प्रकार के कार्यक्रम के लिए जिला प्रशासन और घाट अथॉरिटी से परमिशन लेना होता है। बीती देर शाम नमो घाट फेस 1/2 के बीच बिहार से आए लोग शादी समारोह कर रहे थे। 

पहले तो घाट पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों को लगा कि आयोजकों के पास परमिशन है, लेकिन रात में नमो घाट पर सीएनजी पंप के पास बने गेट नंबर एक बंद किए जाने को लेकर घराती-बराती मिलकर सुरक्षा कर्मियों से विवाद करने लगे। 

सुरक्षा कर्मियों ने शादी समारोह के बाबत परमिशन लेटर मांगा तो मामला मारपीट में बदल गया। जैसे-तैसे सुरक्षा में लगे गार्डों ने गेट बंद किया और आदमपुर पुलिस चौकी को सूचित किया, लेकिन घंटों बाद भी मौके पर चौकी इंचार्ज नहीं पहुंचे। देर रात तक घाट पर शादी समारोह चला और अंत में दुल्हन की विदाई करा कर आयोजक चलते बने।

विज्ञापन

नमो घाट पर आयोजन से पहले लेना होता है परमिशन
नमो घाट पर ओपन थिएटर सहित अन्य जगहों पर कार्यक्रम से पहले जिला प्रशासन से अनुमति लेनी होती है। जिसके बाद घाट अथॉरिटी और लोकल पुलिस को कार्यक्रम की जानकारी और परमिशन लेटर देना होता है। 

गुरुवार को घाट पर आयोजित शादी समारोह के बाबत जब पुलिस से पूछा गया तो पुलिस ने जानकारी होने से इनकार कर दिया। वहीं रात में घाट पर घरातियों और बरातियों के द्वारा किए गए तांडव की सूचना भी पुलिस को नहीं मिली।

गौरतलब है कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए निर्मित नमो घाट पर आए दिन मारपीट और चोरी की घटनाएं होती हैं, लेकिन पुलिस को इसकी भनक तक नहीं रहती है। कमिश्नरेट बनने के बाद नमो घाट पर पुलिस चौकी के निर्माण कराने के बाबत शासनादेश भी आया था, लेकिन अभी तक घाट पर पुलिस चौकी नहीं बनी है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें