समीक्षा बैठक के लिए बीते शनिवार बनारस पहुंचे सूबे के कद्दावर मंत्री सुरेश खन्ना को जो गाड़ी नगर निगम प्रशासन ने मुहैया कराई उस पर बवाल हो गया है। जिस वाहन से मंत्री ने शहर का निरीक्षण किया वह एक ब्लैक लिस्टेड इनोवा कार थी।
वह परिवहन विभाग के रिकार्ड में न सिर्फ ब्लैक लिस्टेड है बल्कि मई 2017 के बाद का उसका टैक्स भी नहीं जमा है। निलंबित एटीआरओ आरएस यादव के जेल जाने के बाद से इस गाड़ी को ब्लैकलिस्टेड कर दिया गया था।
निरीक्षण से लेकर समीक्षा बैठक तक लापरवाहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का निर्देश देने वाले नगर विकास मंत्री खुद अपने ही विभाग की बेपरवाही के घेरे में आ गए।
संसदीय एवं नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना शनिवार दोपहर बनारस पहुंचे थे। कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण, डीएम योगेश्वर राम मिश्र, नगर आयुक्त डॉ. नितिन बंसल से लेकर पूरा अमला उनके स्वागत में मौजूद था। मंत्री को यहां यूपी 65 ईटी-5152 नंबर की इनोवा क्रिस्टा उपलब्ध कराई गई।
ये टैक्सी नंबर (व्यावसायिक वाहन) की गाड़ी है, जिस पर पीले रंग की नंबर प्लेट होनी चाहिए। यातायात नियमों के विरुद्ध गाड़ी पर सफेद-काले रंग की नंबर प्लेट लगाई गई थी। गाड़ी के नंबर की जांच करने पर पता चला कि गाड़ी परिवहन विभाग के रिकार्ड में ब्लैकलिस्टेड है।
यह गाड़ी किसी राजनारायण यादव के नाम से दर्ज है। इसका टैक्स भी 31 मई 2017 के बाद का जमा नहीं किया गया है। इसी गाड़ी से भ्रष्टाचार के आरोपों में जेल भेजे गए निलंबित एआरटीओ आरएस यादव वाहनों की चेकिंग करते थे। उसके जेल जाने के बाद से इस गाड़ी को ब्लैकलिस्टेड कर दिया गया है।
परिवहन विभाग के मुताबिक किसी वाहन को ब्लैकलिस्टेड कर दिए जाने के बाद उसकी खरीद-बिक्री या फिर टैक्स जमा करने के पूर्व परिवहन अधिकारियों की एनओसी लेनी पड़ती है। किन परिस्थितियों में यह कार नगर विकास मंत्री को उपलब्ध कराई गई, इसे लेकर जिला प्रशासन से नगर निगम तक के अधिकारी कटघरे में हैं।