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गृह राज्यमंत्री बोलेः देश-विदेश में बढ़ी हिंदी की लोकप्रियता, राजभाषा, क्षेत्रीय भाषाओं को क्षेत्रीय सम्मेलन से मिलेगा बढ़ावा 

Fri, 12 Nov 2021 09:44 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

देश में पहली बार राजभाषा को लेकर होने वाले क्षेत्रीय सम्मेलन की काशी से शुरुआत हो रही है। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी ने कहा कि हिंदी ने स्वतंत्रता आंदोलन में व्यापक भूमिका निभाई।
 
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वाराणसी में सर्किट हाउस में प्रेसवार्ता करते केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दो दिवसीय राजभाषा सम्मेलन में भाग लेने वाराणसी आए केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी ने कहा कि हर देश की एक ऐसी भाषा होती है, जो कामकाज की भाषा होती है। उसी से उसकी पहचान होती है। ऐसे में राजभाषा के साथ-साथ क्षेत्रीय भाषाओं को बढ़ावा दिलाए जाने में क्षेत्रीय सम्मेलन सशक्त माध्यम बनेगा।

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देश में पहली बार राजभाषा को लेकर होने वाले क्षेत्रीय सम्मेलन की काशी से शुरुआत हो रही है। अजय मिश्रा ने शुक्रवार को सर्किट हाउस में प्रेसवार्ता में कहा कि हिंदी ने स्वतंत्रता आंदोलन में व्यापक भूमिका निभाई।हिंदी को 14 सितंबर 1949 को राजभाषा के रूप में काम करने का निर्णय लिया गया था।

हिंदी को राजभाषा और लिपि को देवनागरी के रूप में चुना गया। अब यह संकल्प लिया गया है कि पूरी तरह राजभाषा के प्रति समर्पित होकर काम किया जाएगा। गृहमंत्री ने ही काशी को जगह के रूप में चुना है। 13 नवंबर से दो दिनों तक चलने वाले सम्मेलन में राजभाषा को लेकर व्यापक विचार-विमर्श होगा।

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लखीमपुर खीरी मामले की हो रही निष्पक्ष जांच

केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा ने वाराणसी में शुक्रवार को लखीमपुर खीरी कांड पर पूछे सवाल के जवाब में कहा कि सरकार मामले की निष्पक्ष जांच करवा रही है, जो होगा ठीक होगा। मामला न्यायालय में है और स्वतंत्र एजेंसियां इसकी जांच भी कर रही हैं। इसलिए बहुत कुछ बोलना उचित नहीं होगा। 

प्रियंका गांधी द्वारा काशी में दस अक्तूबर को रैली में अजय मिश्रा का इस्तीफा होने तक लड़ाई जारी रखने वाले बयान पर भी गृह राज्यमंत्री ने कुछ भी बोलने से मना कर दिया। बैलेस्टिक रिपोर्ट में गोली चलने की पुष्टि के बारे में भी बस यही कहा कि पूरे मामले की स्वतंत्र एजेंसी जांच कर रही है।
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राहुल को कोई गंभीरता से नहीं लेता, बात करना ठीक नहीं

सलमान खुर्शीद की पुस्तक में हिंदुत्व को लेकर मचे हंगामे और इस पर राहुल गांधी के बयान पर अजय मिश्रा ने कहा कि राहुल के बारे में मै गंभीरता से नहीं कह सकता, क्योंकि उन्हें कोई गंभीरता से नहीं लेता है। जो लोग सरकार बनाने का दावा कर रहे हैं, वह वर्ष 2014, 2017 और 2019 में भी सीटों को लेकर बहुत दावे कर रहे थे, परिणाम सबने देख लिया।

अब जो सीटें बची हैं, वो भी वर्ष 2024 में चली जाएंगी। देश की आजादी की तिथि वाले बयान पर केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि 15 अगस्त 1947 को ही आजादी मिली थी, जिनके पास सोचने, समझने की जैसी हैसियत होती है, वैसे ही बोलते रहते हैं। 
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