दिन भर तेज धूप और उमस भरे मौसम के बाद सोमवार की आधी रात मौसम ने अचानक करवट ली। करीब आधे घंटे तक जबरदस्त आंधी-बारिश से मौसम तो नरम हुआ लेकिन बिजली आपूर्ति पूरी तरह चरमरा गई। पूरे शहर में अंधेरा पसर गया। कई जगह पेड़ धराशाई हो गए। चौकाघाट, अंधरापुल, तेलियाबाग, महमूरगंज, सिगरा, गुरुबाग सहित अन्य इलाकों में जलभराव से मुश्किलें हुईं। खुदाई वाली सड़कों पर तो हालात ऐसे कि दोपहिया वाहनों की छोड़िए, जलभराव और कीचड़ के बीच पैदल चलना मुश्किल हो गया। जगह-जगह सीवर ओवरफ्लो करने से हालात और बदतर हो गए। उधर ग्रामीण क्षेत्रों में प्री मानसून की दस्तक से किसानों के चेहरे खिल गए हैं। मौसम विज्ञानियों का मानना है कि 22 जून तक मानसून भी पूर्वांचल में प्रवेश कर जाएगा।
सोमवार को दिनभर मौसम साफ रहा लेकिन आधी रात जबरदस्त आंधी आई और फिर गरज-चमक के साथ करीब 30 मिनट तक झमाझम बारिश हुई। आंधी के दौरान कई इलाकों में पेड़ गिरने से यातायात और बिजली आपूर्ति पर तगड़ा असर पड़ा। कई जगह बिजली के तार पेड़ों की टहनियों में उलझ गए तो कहीं उपकरणों में आई खराबी से आपूर्ति ठप रही। आंधी-बारिश का दौर थमने के बाद आपूर्ति बहाली का सिलसिला शुरू हुआ लेकिन कई इलाकों में आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई। अन्य हिस्सों में बिजली की आवाजाही का सिलसिला पूरी रात नहीं थम पाया। बीएचयू के मौसम विज्ञानी प्रो एसएन पांडेय ने पहले ही उम्मीद जता चुके थे 19-20 जून को प्री-मानसून की दस्तक से तेज बारिश हो सकती है। बताया कि बंगाल की खाड़ी में मौसम की नमी के कारण मानसून तेजी से बंगाल से बिहार की ओर बढ़ रहा है। बीएचयू के कृषि विज्ञानी प्रो आरपी सिंह का कहना है कि मौसम में नमी होने से धान की नर्सरी भी जल्द और अच्छी तैयार होगी। साथ ही पशुओं के लिए चारे की बोवाई का काम भी शुरू हो जाएगा।