वरुण पर आरोप की जानकारी होने के बाद आईआईटी के प्रोफेसर भी वरुण ग्रोवर के बचाव में आ गए हैं। वे वरुण पर लगाए गए आरोपों पर आश्चर्य व्यक्त कर रहे हैं। एक शिक्षक ने बताया कि तब बीएचयू के तहत ही आईटी चलता था।
2000 से 2004 तक सिविल इंजीनियरिंग के छात्र रहे वरुण पर ऐसा आरोप लगाना ही गलत है। उन्होंने बताया कि 2004 में बीटेक करने के बाद उसने नौकरी नहीं की और मुंबई चला गया। वरुण का ऐसा स्वभाव ही नहीं है।
उस पर ऐसा आरोप लगाया गया, यह सुनकर आश्चर्य हो रहा है। उसके लिखे नाटक को शिलांग में अक्तूबर 2001 में आयोजित इस्टजोन इंटर यूनिवर्सिटी प्रतियोगिता में मंचन किया गया था, उस वक्त बीएचयू की टीम को गोल्ड मेडल मिला था।