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#MeToo: वरुण ग्रोवर के जवाब के बाद बैकफुट पर आई महिला, यू-टर्न लेते हुए डिलीट किए ट्वीट

Wed, 10 Oct 2018 10:26 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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कॉमेडियन वरुण ग्रोवर
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यौन शोषण को लेकर चल रहे मी टू अभियान में आईआईटी बीएचयू के पूर्व छात्र और लेखक-कॉमेडियन वरुण ग्रोवर पर आरोपों के बाद तब नया मोड़ आ गया। जब पढ़ाई के दिनों में वरुण पर यौन शोषण का आरोप लगाने वाली महिला बैकफुट पर नजर आई और यू-टर्न लेते हुए अपने ट्वीट को डिलीट कर दिया। यह सब तब हुआ जब ट्विटर पर वरुण ने एक-एक आरोपों पर विस्तार से अपना पक्ष रखा।
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मंगलवार को ट्विटर हैंडल पर वरुण ग्रोवर पर आरोप लगाने वाली महिला ने कहा था कि 2001 में वरुण आईआईटी में पढ़ रहे थे, उसी समय एक नाटक की रिर्हसल की आड़ में उसके साथ दुर्व्यवहार और उसका शोषण किया।

पढ़ें : #MeToo: अब आईआईटी बीएचयू के पूर्व छात्र और लेखक वरुण ग्रोवर पर यौन शोषण का आरोप, दिया ये जवाब
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सोशल मीडिया पर खबर तेजी से वायरल होने के बाद वरुण ने अपने ट्विटर अकाउंट पर चार पेज का बयान जारी किया है। वरुण ने कहा है कि कॉलेज में केवल दो ही नाटक लिखे थे, जिसमें से एक का ही निर्देशन उन्होंने किया था। जिस म्यूजिक क्लब में महिला ने शोषण की बात कही है, वहां वह कभी गया ही नहीं है।

बता दें कि तनुश्री दत्ता द्वारा अभिनेता नाना पाटेकर पर यौन शोषण के आरोपों के बाद मी टू अभियान के तहत कई महिलाएं मनोरंजन और मीडिया जगत में यौन शोषण से जुड़े अनुभव साझा कर रही हैं। इन मामलों में अभी तक 'क्वीन' के निर्देशक विकास बहल, एक्टर रजत शर्मा, कैलाश खेर, चेतन भगत और आलोकनाथ जैसे अभिनेताओं का नाम आ चुका है।
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वरुण के नाटक को 2001 में मिला था गोल्ड मेडल

वरुण ग्रोवर - फोटो : amar ujala
वरुण पर आरोप की जानकारी होने के बाद आईआईटी के प्रोफेसर भी वरुण ग्रोवर के बचाव में आ गए हैं। वे वरुण पर लगाए गए आरोपों पर आश्चर्य व्यक्त कर रहे हैं। एक शिक्षक ने बताया कि तब बीएचयू के तहत ही आईटी चलता था।

2000 से 2004 तक सिविल इंजीनियरिंग के छात्र रहे वरुण पर ऐसा आरोप लगाना ही गलत है। उन्होंने बताया कि 2004 में बीटेक करने के बाद उसने नौकरी नहीं की और मुंबई चला गया। वरुण का ऐसा स्वभाव ही नहीं है।

उस पर ऐसा आरोप लगाया गया, यह सुनकर आश्चर्य हो रहा है। उसके लिखे नाटक को शिलांग में अक्तूबर 2001 में आयोजित इस्टजोन इंटर यूनिवर्सिटी प्रतियोगिता में मंचन किया गया था, उस वक्त बीएचयू की टीम को गोल्ड मेडल मिला था। 
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