पिछले तीन दिनों में अधिकतम तापमान में पांच डिग्री की गिरावट का असर रविवार को दिखा। सर्द हवाओं के आगोश में रहा पूरा शहर। दिन में चंद मिनटों के लिए धूप का दीदार हुआ।
कोहरे के चलते गलन बढ़ी। जिसका असर आम जनजीवन पर साफ दिखा। ठंड की वजह से लोग घरों में ही दुबके रहे। दोपहर बाद हुई बूंदाबांदी से मौसम और भी सर्द हो गया।
शाम होते-होते तक सड़कों पर लोगों की आमोदरफ्त बेहद कम हो चुकी थी हालांकि रेस्टोरेंट में अच्छी खासी भीड़ रही।
मौसम विज्ञान के जानकार इस बदलाव को पश्चिमी विक्षोभ बता रहे हैं।
उनका कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के चलते पूर्वांचल में सर्द हवाएं चल रही हैं। जमीन से एक किलोमीटर की ऊंचाई तक पूर्वा हवा चल रही है। इसके ऊपर चलने वाली हवाओं में भी नमी है।
इसी कारण सोमवार को दिन भर बदली छाई रही और धुंध से राहत नहीं मिली। चूंकि वातावरण में 75 फीसदी आर्द्रता थी, इसलिए शाम को हल्की बूंदाबादी भी हुई।
सर्द हवाओं के चलते सोमवार को ठंडक का अहसास दिन भर रहा। सुबह जहां घना कोहरा छाया रहा, वहीं दिन में बदली छाई रही। सूर्य के दर्शन तो हुए लेकिन कुछ ही देर के लिए।
सोमवार को अधिकतम तापमान जहां 20 डिग्री सेल्सियस रहा तो न्यूनतम तापमान 10.4 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा।
बीएचयू के मौसम विज्ञानी प्रो. एसएन पांडेय ने बताया कि सर्द हवाओं के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। इन बर्फीली हवाओं का असर अगले दो-तीन दिनों तक रहेगा।बुधवार तक कोहरा और धुंध छाया रहेगा।
हालांकि बूंदाबांदी होने के आसार अब नहीं हैं। दो दिन बाद मौसम खुलने के आसार हैं।