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जौनपुरः महबूबा मुफ्ती पर दर्ज वाद में थाने से रिपोर्ट तलब, तिरंगा पर दिए बयान पर दर्ज हुई थी आपत्ति 

Tue, 05 Jan 2021 11:14 PM IST
विचित्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, जौनपुर
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महबूबा मुफ्ती - फोटो : PTI
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पीडीपी नेता व जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती पर राजद्रोह और राष्ट्रीय ध्वज के अपमान के वाद की पोषणीयता पर मंगलवार को बहस हुई। जौनपुर के न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय आलोक वर्मा ने वाद को पोषणीय मानते हुए बक्शा थाने से रिपोर्ट तलब की है।

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दीवानी न्यायालय के अधिवक्ता हिमांशु श्रीवास्तव ने कोर्ट में प्रार्थनापत्र देकर पीडीपी नेता पर वाद दर्ज करने की मांग की थी। उनका कहना था कि 23 अक्तूबर को जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने प्रेस कांफ्रेंस में वक्तव्य दिया कि अनुच्छेद 370 की बहाली के लिए वह लड़ती रहेंगी। आज के भारत के साथ वह सहज नहीं हैं। जम्मू कश्मीर का झंडा जब हमारे हाथों में होगा तभी हम तिरंगा उठाएंगे। उनके इस वक्तव्य से वह काफी आहत हुए। 24 अक्तूबर को उन्होंने इसे बक्शा इलाके के नौपेड़वा में अपने मित्र के घर टीवी पर देखा। कोर्ट ने मामले में परिवाद दर्ज किया था।

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दरअसल, महबूबा मुफ्ती ने तिरंगे को ना उठाने की बात कही थी। महबूबा ने कहा था कि हम अनुच्छेद 370 को वापस लेकर रहेंगे। जब तक ऐसा नहीं हो जाता है, मैं कोई भी चुनाव नहीं लडूंगी। जिस समय हमारा ये झंडा (कश्मीर का झंडा) वापस आएगा, हम उस (तिरंगा) झंडे को भी उठा लेंगे। जब तक हमारा झंडा वापस नहीं आता, तब तक हम किसी और झंडे को हाथ में नहीं उठाएंगे। 
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