काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास की बैठक 20 दिसंबर को होगी। इसमें मंदिर की अव्यवस्थाओं का मुद्दा उठने की संभावना है। पिछली बैठक के आदेशों का पालन न होना भी इस बैठक का मुद्दा बन सकता है। मंदिर की व्यवस्था पर बिना आदेश कई तरत के खर्च भी हुए हैं, इसे लेकर अधिकारी तैयारी करने में लगे हैं।
विश्वनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार के समय अहिल्या बाई ने तोरण द्वार बनवाया था, लेकिन कुछ माह पहले दक्षिण भारतीय श्रद्धालु की ओर से कराए गए कुंभाभिषेकम में उस तोरण द्वार को हटाकर नया द्वार लगा दिया गया था। यह मामला न्यास की पिछली बैठक में उठा तो तय किया गया कि कुंभाभिषेकम के दौरान लगाए गए तोरण द्वार को तत्काल हटा दिया जाएगा, लेकिन इसे अब तक नहीं हटाया गया है।
यह मामला फिर से बैठक में उठ सकता है। वहीं मंदिर परिसर में विभिन्न बैंकों की ओर से होर्डिंग पोस्टर लगाए गए हैं, जबकि इसके लिए कोई आदेश या अनुमति नहीं ली गई है। बैठक में अधिकारियों से इस पर प्रश्न पूछे जा सकते हैं।
वहीं, मंदिर के अन्न क्षेत्र की दुर्व्यवस्था के अलावा कर्मचारियों की नियुक्ति का मामला भी बैठक में उठाने की तैयारी है। इन मामलों के संज्ञान में आते ही मंदिर के कर्मचारी सकते में हैं और बचाव के लिए विशेषज्ञों से सलाह ले रहे हैं।