सपा, बसपा गठबंधन में जाने के सवाल पर कहा कि भाजपा कहेगी तो चला जाऊंगा। राम मंदिर के सवाल पर कहा कि मंदिर का चढ़ावा भगवान को चढ़ता है। इसका मजा पुजारी लेते हैं। देश के नौ लाख मंदिरों में पुजारी के पदों पर भी आरक्षण लागू हो। दूसरी जाति की हिस्सेदारी के अनुसार उन्हें पुजारी पदों पर रखा जाए।
किसानों की हालत पर कहा कि डाई, यूरिया फास्फेट के दामों में बढ़ोत्तरी हुई है। किसानों का लागत मूल्य बढ़ा जबकि आय नहीं बढ़ी। राफेल के सवाल पर कहा कि मुख्य मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए इस प्रकार का ड्रामा किया जाता है। यहां से कैबिनेट मंत्री जमानियां गाजीपुर के लिए रवाना हो गए।
ओमप्रकाश राजभर , अनिल राजभर
- फोटो : अमर उजाला
गाजीपुर में 29 दिसंबर को होने वाली राजभरों की रैली को लेकर भाजपा और सुभासपा अपने-अपने वोट बैंक को सहेजने में जुट गई हैं। रैली को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संबोधित करेंगे। राजभरों के वोट वैंक के लिए योगी सरकार के दो मंत्री आमने सामने हैं।
रैली को सफल बनाने के लिए भाजपा के स्वतंत्र प्रभार के राज्यमंत्री अनिल राजभर तैयारियों में जोर-शोर से जुट गए हैं तो वहीं सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर अपना किला बचाने की जुगत में हैं। रैली की तैयारियों को लेकर हलचल बढ़ गई है।
ओमप्रकाश राजभर की पार्टी का दावा है कि राजभरों को सुहेलदेव के नाम पर डाक टिकट जारी कर झुनझुना पकड़ाया जा रहा है, जबकि सपा से भाजपा में शामिल अनिल राजभर की विश्वसनीयता को लेकर राजभर समाज निश्चिंत नहीं है। हालांकि अनिल राजभर पूरे पूर्वांचल में जनसंपर्क कर राजभरों को एकजुट कर रहे हैं।