उसी साल विद्युत विभाग में सहायक अभियंता के पद पर ओबरा में कार्यभार ग्रहण कर लिया था। बताया कि 2017 में राजनारायण विधि महाविद्यालय गंगापुर में प्रवेश लिया और पढ़ाई प्रारंभ की। उन्होंने बताया कि महाविद्यालय जाने और क्लास लेने तथा परीक्षा देने में उम्र अधिक होने को लेकर कोई दिक्कत नहीं हुई।
नए उम्र के लड़कों के साथ बढि़या सामंजस्य बन गया था। सब उनके साथी बन बन गए थे। बताया कि हर व्यक्ति को ला की जानकारी रखनी चाहिए। इस कोर्स को उन्होंने अपनी इच्छा पूर्ति के लिए किया है। इस कोर्स का अध्ययन उन्होंने आर्थिक उद्देश्य के लिए नहीं किया है।
पत्नी की स्मृति में पूरी की एलएलबी की पढ़ाई
सुरेंद्र प्रसाद त्रिपाठी ने बताया कि उनकी इच्छा किशोरावस्था से ही एलएलबी करने की थी। लेकिन पत्नी की मौत के बाद उसकी स्मृति में उन्होंने यह पढ़ाई पूरी की। 1971 में लॉ में एडमिशन लेने के बाद घर के लोगों ने कहा था कि लॉ करने वालों का शादी ब्याह नहीं होता। पत्नी का निधन 2015 में हो गई थी। एक बेटा गूगल कंपनी में नौकरी करता है। श्री त्रिपाठी मूल रूप से खानपुर मिर्जापुर के रहने वाले हैं। उन्होंने हाईस्कूल और इंटर की शिक्षा राजकीय इंटर कॉलेज जक्खिनी से प्राप्त की।