भाजपा की नवनिर्वाचित महापौर मृदुला जायसवाल ने काशी की जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं को धन्यवाद दिया। इसके अलावा मृदुला जायसवाल ने काशीवासियों से कुछ वादे भी किए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि शहर की बुनियादी प्राथमिकता के तौर पर हल की जाएंगी।
समयबद्धता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी ताकि जनता की जो अपेक्षाएं हैं, वे पूरी हों और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान हो। पहड़िया मंडी में निर्वाचन प्रमाण पत्र लेने के बाद नवनिर्वाचित महापौर ने अपनी जीत को पीएम मोदी और सीएम योगी की नीतियों की जीत बताया।
उन्होंने कहा कि पीएम और सीएम के मार्गदर्शन में काशी के विकास अभियान को गति देने के लिए वह प्रतिबद्ध हैं। चाहे खस्ताहाल सड़कें हों या पेयजल, यातायात, सीवर आदि समस्याएं। सबसे पहले इनका समाधान होगा। स्ट्रीट लाइटें दुरुस्त कराई जाएंगी।
जन्म, मृत्यु प्रमाण पत्र आदि के लिए जनता को भागदौड़ नहीं करनी होगी। ऐसी व्यवस्था बनाई जाएगी कि तय समय पर जनता के काम हों और उन्हें निगम कार्यालय की दौड़ न लगानी पड़े।
स्वच्छ भारत मिशन को आगे बढ़ाने के साथ ही खाऊंगी न खाने दूंगी का जो वादा किया था, उस पर कायम रहूंगी। भ्रष्टाचार पर जीरो टालरेंस की नीति होगी। अपने ससुर तीन बार सांसद रहे स्वर्गीय शंकर प्रसाद जायसवाल के आदर्शों को आगे बढ़ाएंगी।
मेयर बहू का सास ने किया स्वागत
जीत के बाद मृदुला जायसवाल का स्वागत करती उनकी सास
- फोटो : अमर उजाला
मेयर मृदुला जायसवाल जब मतगणना की प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्वाचन का प्रमाणपत्र लेकर अंबालिका पुरी कॉलोनी स्थित आवास पर पहुंचीं तो जीत की खुशी से सास सावित्री देवी की आंखों से आंसू छलक पड़े। मानो उन्हें पुराने दिनों की याद आ गई।
उनके पति स्व. शंकर प्रसाद जायसवाल बनारस से तीन बार सांसद रहे। जीत के बाद जब वे घर आते थे, उसी प्रकार स्वागत करती थीं, जिस प्रकार से महापौर बहू का किया। घर के द्वार पर पहुंचते ही मृदुला जायसवाल ने सबसे पहले अपनी सास के पांव छूकर आशीर्वाद लिया।
सास ने उन्हें गले लगा लिया। फिर तिलक लगाकर माला पहनाया। आरती उतारी और पुष्पवर्षा के बीच मिठाई खिलाई। महापौर के साथ उनके पति राधाकृष्ण भी मौजूद थे। बेटा रघुनंदन और बेटी गौरी की खुशियों का ठिकाना नहीं था।
परिवार के अन्य सदस्यों, रिश्तेदारों, कॉलोनी वालों, शुभचिंतकों ने भी महापौर का स्वागत किया। उसके बाद महापौर ने अपने ससुर पूर्व सांसद शंकर प्रसाद जायसवाल के चित्र पर माला-फूल चढ़ाकर आशीर्वाद लिया।