वाराणसी में नगर निकाय चुनाव में कांग्रेस के मेयर प्रत्याशी को हार का मुंह देखना पड़ा। कांग्रेस की शालिनी यादव दूसरे नंबर पर रही। उनकी हार क्यों हुई इसका कारण सामने आया है। निकाय चुनाव की शुरुआत से ही कांग्रेस में शुरू हुई आपसी खींचतान आखिरकार भारी पड़ गई।
रणनीति के नाम पर पार्टी सिर्फ समितियां बनाती रह गईं और जमीनी स्तर पर पार्टी का प्रचार अभियान आखिरी तक रफ्तार नहीं पकड़ पाया। बेहतर प्रदर्शन के बावजूद पार्टी की हार की वजह संगठनात्मक कमियां बताई जा रही हैं। पार्टी प्रत्याशी शालिनी यादव को एक लाख से अधिक वोट मिले हैं।
शालिनी ने कहा कि धनबल, सत्ताबल के आगे जनता ने जो समर्थन और स्नेह उन्हें दिया है, वह उसके लिए आभारी हैं। वह जिन मुद्दों पर चुनाव मैदान में आई थीं, उनके लिए उनका संघर्ष जारी रहेगा।
पिछले निकाय चुनाव के मुकाबले कांग्रेस को महापौर पद के लिए अबकी लगभग चालीस हजार अधिक वोट प्राप्त हुए। पार्टी के ही रणनीतिकार भी अब चुनाव प्रबंधन में खामियां स्वीकार कर रहे हैं लेकिन सार्वजनिक तौर पर कोई भी इस बारे में कुछ बोलने से कतरा रहा है।