उत्तर प्रदेश में नगर निकाय चुनाव चल रहे हैं। वाराणसी में नगर निगम के वोट बीत रविवार को डाले जा चुके हैं। निकाय चुनाव का रिजल्ट एक दिसंबर को आएगा। बनारस में मतदान होने के बाद मेयर पद के प्रत्याशियों को नामांकन से मतदान तक चुनाव अभियान के बाद अब फुर्सत मिली है। चुनाव प्रचार के दौरान भागदौड़ में प्रत्याशियों का निजी जीवन पीछे छूट जाता है। बनारस में मेयर पद के प्रत्याशी चुनाव हो जाने के बाद जानिए किन कामों में व्यस्त हैं।
मृदुला ने बच्चों के लिए बनाया आलू पराठा
भाजपा की महापौर प्रत्याशी मृदुला जायसवाल
- फोटो : अमर उजाला
नामांकन से मतदान तक तूफानी चुनाव अभियान के बाद सोमवार को थोड़ी फुर्सत मिली तो भाजपा की महापौर प्रत्याशी मृदुला जायसवाल ने परिवार के साथ समय बिताया। खासकर बच्चों के साथ हल्के-फुल्के माहौल में दिन गुजरा। बच्चों के लिए उनकी फरमाइश पर आलू पराठा और पनीर की सब्जी बनाई।
शाम को पति राधाकृष्ण, सास सावित्री देवी, बेटा रघुनंदन, बेटी गौरी के साथ बैठकर नाश्ता किया। सबने बिस्किट और चिप्स-पापड़ के साथ मिठाई खाई। अंबालिका पुरी कालोनी चंदुआ छित्तूपुर स्थित घर पर माहौल बेहद खुशनुमा था।
‘अमर उजाला’ से बातचीत में मृदुला जायसवाल ने शहर के मतदाताओं को धन्यवाद दिया। बताया कि करीब 20 दिन से चुनावी भागदौड़ में परिवार को बिल्कुल भी समय नहीं दे पाई थी। चुनाव के चलते सुबह जल्दी जनसंपर्क करने चली जाती थी। बच्चे जब उठते थे तो मैं घर पर नहीं रहती थी।
चुनावी भागदौड़ थमने से सबसे अधिक खुशी बच्चों को है। प्रतिदिन की भांति सुबह की शुरुआत पूजा-अर्चना के साथ की। फिर पूरा दिन परिवार के साथ बिताया। घर पर लोग मिलने-जुलने आते रहे। उनके स्वागत-सत्कार की भी जिम्मेदारी संभाली। कहा कि अब पहली दिसंबर का इंतजार है।
जनता का जो भी निर्णय आएगा, उन्हें स्वीकार है। जनता के विश्वास पर खरा उतरने और अपने ससुर तीन बार सांसद रहे शंकर प्रसाद जायसवाल के आदर्शों को आगे बढ़ाने के लिए प्रयासरत रहूंगी।
शालिनी की पूजन-अर्चन के साथ हुई सुबह, बनाया सैंडविच
कांग्रेस की महापौर प्रत्याशी शालिनी यादव
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निकाय चुनाव की भागदौड़ करीब 20 दिन बाद थमी तो कांग्रेस की महापौर प्रत्याशी शालिनी यादव ने फुर्सत के इन लम्हों को परिवार के साथ बिताया। कोई चुनावी शोर नहीं, हल्के-फुल्के माहौल में पूरा दिन गुजरा। पूजन-अर्चन के साथ सुबह दिन की शुरुआत हुुई।
फिर परिवार के लिए नाश्ते में सैंडविच बनाया। सभी ने एक साथ नाश्ता किया। इस दौरान बीच-बीच में कार्यकर्ताओं-समर्थकों के फोन भी आते रहे। सबसे बातचीत करने के साथ सबका धन्यवाद करती रहीं। मतदान के बाद की सुबह शालिनी के लिए बेहद खास थी।
महमूरगंज स्थित आवास पर बताया कि जब से नामांकन किया था तब से चुनावी भागदौड़ इतनी अधिक हो गई थी कि घर-परिवार को जरा भी समय नहीं दे पाई। 20 दिनों तक लगातार 15-16 घंटे उन्होंने शहर में जनसंपर्क अभियान और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक में लगाए।
आज काफी राहत महसूस हो रही है। नाश्ता-भोजन के बाद उन्होंने बेटी इशिता की पढ़ाई में मदद की। मां शशि यादव और पति अरुण यादव भी पूरे दिन साथ थे। कहा कि बनारस की जनता से मिले समर्थन और प्यार के लिए धन्यवाद। जनता का जो भी निर्णय होगा, वह स्वीकार है।
साधना ने बनाया नाश्ता, पति और बच्चों के साथ गईं मंदिर
सपा की महापौर प्रत्याशी साधना गुप्ता
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चुनावी भागदौड़ थमने के बाद सोमवार को सपा की महापौर प्रत्याशी साधना गुप्ता ने पूरा समय परिवार के साथ बिताया। सुबह उन्होंने खुद सबके लिए नाश्ता और दोपहर में खाना बनाया। पूरे दिन घर में हंसी-खुशी का माहौल रहा।
शाम को वह पति संजय गुप्ता एवं बच्चों के साथ काशी विश्वनाथ मंदिर एवं संकटमोचन मंदिर में दर्शन करने गईं। पति संजय गुप्ता दिन में करीब ग्यारह बजे घर से कमच्छा स्थित दफ्तर के लिए निकल गए थे।
मौलवी बाग स्थित आवास पर साधना गुप्ता, बेटी संजना और परिवार के सदस्य आयुषी और सुदीप के साथ थीं। दिन में करीब एक बजे अमर उजाला की टीम उनके घर पहुंची तो वह अखबारों के अलावा वेबसाइट पर चल रहीं चुनाव से संबंधित खबरें देख रही थीं। परिवार के सदस्यों के साथ उन्होंने सेल्फी भी ली।
बताया कि चुनाव में बिल्कुल भी समय परिवार को नहीं दे पाई थी। आज फुर्सत मिली तो खुद परिवार के लिए नाश्ता और खाना बनाया। चुनाव प्रचार के दौरान पूरे शहर के लोगों से मिलने की कोशिश की। इसके बाद भी कुछ इलाकों में नहीं पहुंच पाई।
जनता का भरपूर प्यार और आशीर्वाद मिला। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भरोसा जताते हुए टिकट दिया, ये उनके लिए बड़ी उपलब्धि है। जनता का जो फैसला आएगा, वह स्वीकार है।
सुधा ने पदाधिकारियों के साथ की मतदान की समीक्षा
बसपा की महापौर प्रत्याशी सुधा चौरसिया
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निकाय चुनाव के लिए मतदान के बाद सोमवार को बसपा की महापौर प्रत्याशी सुधा चौरसिया ने पार्टी के सांसद और पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बूथों पर पड़े मतों के साथ ही हार-जीत का विश्लेषण किया।
सुधा ने बताया कि सुबह पार्टी सांसद मुनकाद अली ने पार्टी के पदाधिकारी के साथ सर्किट हाउस में मतदान की समीक्षा की। उसके बाद बाकी समय घर पर बिताया।
चुनाव के चलते कई दिनों से इतनी भागदौड़ थी कि घर के लिए समय ही नहीं निकाल पा रही थी। अब एक दिसंबर को होने वाली मतगणना का इंतजार है। शहर की जनता का जो भी फैसला होगा, वह उसे स्वीकार करते हुए जनसेवा में जुटी रहेंगी।