उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र में एक बार फिर नकली नोटों का जखीरा पकड़ा गया है। मालूम हो कि एक सप्ताह में नकली नोट पकड़ने की यह तीसरी कार्रवाई है। इस बार मऊ जिले में पुलिस ने नकली नोट पकड़े हैं।
स्वाट टीम और कोतवाली पुलिस ने शनिवार की रात रेलवे स्टेशन से भाजपा का झंडा लगी सफारी गाड़ी से अंतर प्रांतीय गिरोह के चार आरोपियों को गिरफ्तार कर चार लाख 58 हजार के नकली नोट बरामद किए। गाड़ी से 10 लाख 60 हजार रुपये के चूरन वाले नोट भी मिले।
एसपी सुरेंद्र बहादुर ने कोतवाली में बताया कि सूचना पर टीम रेलवे स्टेशन पहुंची। वहां सफारी गाड़ी में बैठे चार संदिग्ध युवक पुलिस को देखकर भागने लगे। पुलिस ने चारों को पकड़ कर गाड़ी की तलाशी ली तो नकली नोट बरामद हुए। इनमें चार लाख 58 हजार रुपये के दो-दो हजार के नकली और 10 लाख 60 हजार के चूरन वाले नोट शामिल हैं।
आरोपियों में सन्नी सिंह बिहार के सीवान जिले के नरेंद्रपुर गांव, रविंद्र कुमार राय और बलवंत सिंह देवरिया के बनकटा थाने के बासोपट्टी गांव और शशिकांत कुमार राम गोरखपुर जिले के शाहपुर थाने के कैंप बिछिया गांव का निवासी है।
एसपी ने बताया कि आरोपियों पर जिलों में जालसाजी के मुकदमे दर्ज हैं। आरोपी नकली नोटों के बीच में चूरन वाले नोट भी खपाते थे। ये असली नोट देने पर दुगुने नकली नोट देते थे। डीआईजी ने पुलिस टीम को 25 हजार और एसपी ने 15 हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की।
नकली नोटों का हब बना पूर्वांचल
अभियुक्तों के पास से बरामद गाड़ी
- फोटो : amar ujala
नकली नोट के धंधेबाजों के पकड़े जाने और नेपाल के रास्ते नकली नोट आने की खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट से स्पष्ट है कि पूर्वांचल जाली नोटों का हब बनता जा रहा है। इससे लोग चिंतित हैं कि कहीं उनका भी इससे नुकसान न हो जाए। पांच अक्तूबर 2018 से पांच जनवरी 2019 के बीच नकली नोट के तीन मामलों का जिले में खुलासा हो चुका है।
इसमें एक छापाखाना भी एटीएस वाराणसी, कोतवाली पुलिस की मदद से बरामद कर चुकी है। तीनों मामलों में अब तक आठ लोग पकड़े गए हैं। पिछले साल पांच अक्तूबर की रात कोतवाली क्षेत्र के मलिक ताहिरपुरा मुहल्ले में एटीएस वाराणसी की छापेमारी में मंसूर सहित तीन दबोचे गए थे। मंसूर जाली नोट छापता था।
उसके पास से दस से सौ रुपये मूल्य के स्टांप के साथ 16 हजार के नकली नोट बरामद हुए थे। इस घटना के 15 दिन बाद सलहाबाद मोड़ से पुलिस ने पांच हजार रुपये के नकली नोट के साथ इसी गिरोह के एक सदस्य को दबोचा था।
इसके बाद पांच जनवरी की रात कोतवाली और स्वाट टीम ने रेलवे स्टेशन से सफारी कार सवार चार लोगों को नकली नोट के साथ पकड़ा। इन आरोपियों के पास से चार लाख से अधिक के नकली नोट बरामद हुए।
इसके अलावा वाराणसी, बलिया और मंडल मुख्यालय आजमगढ़ से भी नकली नोट के सौदागर पकड़े जा चुके हैं। इससे यह कहना गलत नहीं होगा कि पूर्वांचल नकली नोटों का हब बनता जा रहा है। आरोपी मंसूर ने बताया था कि वह नेपाल के रास्ते नकली नोट लाकर खपाता था।
खुफिया विभाग की मानें तो जाली नोटों की खेप बिहार के रास्ते नेपाल से आती है। चूंकि मऊ जनपद रेलमार्ग से बिहार के नेपाल से सटे सीमावर्ती जिलों से सीधे जुड़ा है। इसलिए जालसाजों का जिले में प्रवेश मुश्किल नहीं है। इस बाबत पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र बहादुर का कहना है कि वह वे नकली नोटों के धंधेबाजों की कमर तोड़कर ही मानेंगे।