महायज्ञ में दक्षिण भारत और काशी के प्रख्यात विद्वान आचार्य एवं धर्माचार्य शामिल होंगे। वे धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक विषयों पर अपने विचार भी प्रस्तुत करेंगे। आयोजन के दौरान सनातन धर्म, राष्ट्र निर्माण और सामाजिक समरसता से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा होने की भी संभावना है।
अभिषेक ब्रह्मचारी ने कहा कि सनातन धर्म विश्व का सिरमौर है और यही धर्म विश्व की प्रगति का मार्ग प्रशस्त कर सकता है। उन्होंने युवाओं से सनातन संस्कृति से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि नई पीढ़ी धर्म और संस्कारों के मार्ग पर चलकर राष्ट्र के वैभव और विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है।
आयोजन समिति के अनुसार मिर्जापुर, विंध्याचल सहित आसपास के जिलों से हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। समिति ने अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर पुण्य-लाभ अर्जित करने की अपील की है।