मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने प्रथम दृष्टया उपलब्ध तथ्यों के आधार पर राजस्व निरीक्षक अखिलेश कुमार शुक्ला को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए। डीएम ने कहा कि भ्रष्टाचार और लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
समाधान दिवस में सीएचसी दुद्धी में महिला चिकित्सक नहीं होने की शिकायत भी सामने आई। इस पर डीएम ने म्योरपुर सीएचसी की महिला चिकित्साधिकारी डॉ. पल्लवी सिन्हा को सप्ताह में दो दिन दुद्धी सीएचसी में सेवाएं देने के निर्देश दिए। यहां कुल 101 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें 10 का निस्तारण किया गया जबकि 91 मामलों को समयबद्ध निस्तारण के लिए संबंधित विभागों को भेजा गया।
डीएम ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों का निस्तारण गुणवत्ता के साथ समय पर किया जाए तथा निस्तारण के बाद शिकायतकर्ताओं से फीडबैक भी लिया जाए, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो। रॉबर्ट्सगंज तहसील में एसडीएम अश्वनी कुमार की अध्यक्षता में आयोजित समाधान दिवस में 35 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें चार मामलों का मौके पर निस्तारण किया गया, जबकि 31 मामलों को संबंधित अधिकारियों को सौंपा गया।
ओबरा तहसील में एडीएम वागीश कुमार शुक्ला की अध्यक्षता में 108 शिकायतें सुनी गईं। इनमें नौ मामलों का मौके पर और तीन मामलों का टीम भेजकर निस्तारण किया गया। शेष 96 मामलों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए गए। घोरावल तहसील में एसडीएम आशीष कुमार त्रिपाठी की अध्यक्षता में 86 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें छह मामलों का मौके पर निस्तारण किया गया, जबकि 80 मामलों को समयबद्ध कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को भेजा गया।
साढ़े तीन बजे तक फरियाद सुनते रहे डीएम
संपूर्ण समाधान दिवस का समय वैसे तो सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक का है। अमूमन अधिकारी देर से आते हैं और समय से पहले ही चले भी जाते हैं। दुद्धी तहसील में शनिवार को इससे अलग नजारा दिखा। डीएम चर्चित गौड़ समय से पहुंचे भी और निर्धारित समय सीमा के बाद भी अपराह्न साढ़े तीन बजे तक बैठकर शिकायतें सुनते रहे। डीएम की उपस्थिति के कारण अन्य अफसर भी कुर्सी पर जमे रहे। लोग इसे लेकर चर्चा में लीन देखे।
डीएम के आने की खबर सुनते ही बड़ी संख्या में लोग शिकायत लेकर पहुंच गए। भीड़ देखकर डीएम ने खुद खड़ा होकर लंबी कतार दो अलग-अलग लाइन लगवाया। इसी दौरान सीओ राजेश कुमार राय, एसएसआई संजय सिंह, कस्बा चौकी इंचार्ज भी फोर्स के साथ पहुंचे और भीड़ को नियंत्रित करने लगे।