काशी के बुनकरों के लिए अब एक नई सौगात सामने आने वाली है। बुनकरों के लिए अब बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है और इसके साथ ही ऑनलाइन माध्यम का एप्प भी लांच किया जाने वाला है। “सिल्क इक्स्चेंज सेंटर” को “कॉमन फ़सिलिटी सेंटर” के तौर पर विकसित करने हेतु 07 करोड़ की परियोजना स्वीकृत कर दी गई हैं। जिससे आने वाले दिनों में बनारसी साड़ी का वैश्विक बाजार का सपना साकार होने वाला है।
वाराणसी के बुनकरों के दिन और भी बहुरने वाले हैं। पांडेपुर में बुनकरों के कार्य को पहचान दिलाने हेतु उत्तर प्रदेश Sericulture फ़ेडरेशन द्वारा मार्केट डिवेलप किया जाएगा। ग्राहकों को शुद्ध रेशम की पहचान हेतु टेस्टिंग लैब विकसित की जाएगी l उत्तर बुनकरों हेतु उत्तर प्रदेश, कर्नाटक व अन्य प्रदेशों से रेशम के धागे उपलब्ध करवाये जाएंगे l
विज्ञापन
बताते चलें कि निदेशक उद्योग, IAS वीजेंद्र पंडियन की अध्यक्षता में स्टेट लेवल कमिटी द्वारा ODOP योजना के तहत पांडेपुर वाराणसी स्थित “सिल्क इक्स्चेंज सेंटर” को “कॉमन फ़सिलिटी सेंटर” के तौर पर विकसित करने हेतु 07 करोड़ की परियोजना स्वीकृत कर दी गई हैं।
झारखंड सरकार के ब्रांड "झारक्राफ़्ट" की तरह उत्तर प्रदेश के रेशम की भी ब्रांडिंग की जाएगी और सोशल मीडिया के माध्यम से भी इसका प्रचार किया जाएगा। वाराणसी के उत्पादों की बिक्री और ग्लोबल पहचान दिलाने हेतु AMAZON एवं Flipcart जैसा रेशम का ऑनलाइन मार्केटिंग पोर्टल एवं Marketting App भी विकसित किया जाएगा।